IAF Wing Commander Arrested: हनी ट्रैप में फंसे भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर को गोपनीय जानकारी भेजने का आरोप

सुरक्षा एजेंसियों को मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय वायुसेना को सतर्क किया गया. इसके बाद संबंधित अधिकारी पर उनके फील्ड यूनिट में नजर रखी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद विंग कमांडर को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

IAF Wing Commander Arrested: भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विंग कमांडर को कथित तौर पर पाकिस्तानी हनी ट्रैप और जासूसी मामले में गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, अधिकारी पर Official Secrets Act (आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि वह पाकिस्तानी हैंडलर के जाल में फंसकर संवेदनशील रक्षा संबंधी जानकारी साझा कर रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, विंग कमांडर को 30 मई को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एयर इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा करीब चार महीने तक चलाए गए संयुक्त अभियान के बाद गिरफ्तार किया था. गुजरात के जामनगर में IAF हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी जवान सुरक्षित

जनवरी 2026 से चल रही थी निगरानी

जांच एजेंसियों ने जनवरी 2026 में एक अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर के जरिए संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद निगरानी शुरू की थी. बताया गया कि यह नंबर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ा हुआ था. जांच के दौरान पता चला कि IAF अधिकारी उस नंबर के साथ लगातार संपर्क में थे. अधिकारियों के अनुसार, उस समय विंग कमांडर निजी जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे थे और इसी दौरान एक महिला बनकर सामने आई पाकिस्तानी एजेंट ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया.

वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर किया ब्लैकमेल

जांच में सामने आया कि आरोपी हैंडलर ने अधिकारी के साथ हुई निजी बातचीत और वीडियो कॉल को गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया. बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और कथित रूप से गोपनीय रक्षा संबंधी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, साझा की गई जानकारी में एयरबेस की तस्वीरें, सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी और रक्षा अनुसंधान से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज शामिल थे.

वरिष्ठ अधिकारी के फोन में स्पाइवेयर इंस्टॉल कराने का भी आरोप

जांच एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तानी हैंडलर ने विंग कमांडर को अपने एक वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल फोन में स्पाइवेयर इंस्टॉल करने के लिए भी कहा था. बताया गया कि यह स्पाइवेयर मोबाइल से डेटा चोरी करने, लोकेशन ट्रैक करने और कॉल व मैसेज की निगरानी करने में सक्षम था.

IAF ने रखी निगरानी, फिर हुई गिरफ्तारी

सुरक्षा एजेंसियों को मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय वायुसेना को सतर्क किया गया. इसके बाद संबंधित अधिकारी पर उनके फील्ड यूनिट में नजर रखी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद विंग कमांडर को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 30 जुलाई को सक्षम अदालत में इस मामले में आरोपपत्र (Chargesheet) दाखिल कर दिया. फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है. यदि अधिकारी पर लगे आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो Official Secrets Act के तहत उन्हें 14 साल तक की सजा हो सकती है.

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