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सरकारी अफसरों को दफ्तर के कंप्यूटर और मोबाइल पर Facebook-WhatsApp चलाना पड़ेगा भारी, केंद्र सरकार ने किया आगाह

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंप्यूटर, मोबाइल फोन सहित सभी आधिकारिक उपकरणों पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. इस वजह से बिना अनुमति के अब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल या फिर किसी अन्य डिवाइस पर फेसबुक, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते है.

सरकारी अफसरों को दफ्तर के कंप्यूटर और मोबाइल पर Facebook-WhatsApp चलाना पड़ेगा भारी, केंद्र सरकार ने किया आगाह
फेसबुक और वाट्सएप (Photo Credits : File Photo)

नई दिल्ली: केंद्र सरकर ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) के लिए पहली बार डेटा सिक्यॉरिटी के लिए सोशल मीडिया (Social Media) और इंटरनेट (Internet) पॉलिसी जारी की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंप्यूटर, मोबाइल फोन सहित सभी आधिकारिक उपकरणों पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. इस वजह से बिना अनुमति के अब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल या फिर किसी अन्य डिवाइस पर फेसबुक, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते है. इसके अलावा सरकारी अधिकारियों को इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटरों पर क्लासिफाइड वर्क (Classified Work) नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्रालय ने 24 पन्नों के अपने गाइडलाइन में कहा कि सभी सरकारी कर्मचारी बिना आदेश के कोई भी आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया या सोशल नेटवर्किंग पोर्टल या एप्लिकेशन पर सार्वजनिक या खुलासा नहीं करेंगे. यह नियम सरकारी अधिकारियों के साथ साथ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले स्टाफ, कंसलटेंट और थर्ड पार्टी इन्फॉर्मेशन सिस्टम, फेसिलिटीज़ और कम्युनिकेशन सिस्टम को मैनेज करने वालों पर भी लागू होगा.

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अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने यह कदम सुरक्षा उल्लंघन को रोकने और डेटा की संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है. एक अधिकारी ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को बताया कि विदेशी संस्थाओं द्वारा सरकारी पोर्टलों को हैक करने और जानकारियां चुराने के कम से कम 30 प्रयास किए जाते हैं.

मंत्रालय के गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि बिना परमिशन के ऑफिस के बाहर कोई USB डिवाइस (पेन ड्राइव आदि) तक नहीं ले जा सकता. साथ ही सरकार की कोई अहम जानकारी निजी क्लाउड सेवाओं (गूगल ड्राइव, ड्रॉपबॉक्स, आईक्लाउड आदि) पर स्टोर नहीं करनी है. अगर ऐसा करने से डेटा लीक हुई तो संबधित अधिकारी और कर्मचारी पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2019 12:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).