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क्या भारत ने वाकई ब्रिक्स के विस्तार का समर्थन किया है

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स समूह के विस्तार को समर्थन की घोषणा कर दी.

क्या भारत ने वाकई ब्रिक्स के विस्तार का समर्थन किया है
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स समूह के विस्तार को समर्थन की घोषणा कर दी. लेकिन कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भारत ने इस विस्तार के लिए कुछ शर्तें भी आगे रखी हैं.ब्रिक्स की सदस्यता के विस्तार पर लंबे समय से चर्चा चल रही है. मोदी ने शीर्ष बैठक में बुधवार 23 अगस्त को कहा कि भारत ब्रिक्स के विस्तार का समर्थनकरता है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी रेखांकित किया कि इस विषय पर समूह को सर्वसम्मति से आगे बढ़ना चाहिए.

बैठक में मोदी ने कहा, "2016 में अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने ब्रिक्स को 'बिल्डिंग रेस्पॉन्सिव, इंक्लूसिव एंड कलेक्टिव सोलूशन्स' के रूप में परिभाषित किया था. सात सालों के बाद हम कह सकते हैं कि ब्रिक्स 'ब्रेकिंग बैरियर्स, रीवाइटलाइसिंग इकॉनमीज, इंस्पायरिंग इनोवेशन, क्रिएटिंग ऑपरच्यूनिटीज एंड शेपिंग द फ्यूचर' होगा.

वैश्विक साउथ के नाम पर

मोदी ने बैठक में वैश्विक साउथ की भी बात की और कहा, "दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में वैश्विक साउथ के देशों को विशेष महत्व दिया गया है. हम इसका दिल से स्वागत करते हैं. यह मौजूदा समय की अपेक्षा ही नहीं, जरूरत भी है."

उन्होंने वैश्विक साउथ के हित मेंभारत के प्रयासों की भी चर्चा की और कहा, "भारत ने भी अपनी जी20 की अध्यक्षता में इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है...हमने अफ्रीकी संघ को जी20 की स्थायी सदस्यता देने का भी प्रस्ताव दिया है. मुझे यकीन है कि ब्रिक्स के सभी साझेदार जी20 में भी साथ हैं. और वो हमारे प्रस्ताव का समर्थन करेंगे."

हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स के विस्तार का समर्थन तो किया गया लेकिन इस पर पूरी तरह से सर्वसम्मति अभी तक बन नहीं पाई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक समूह का कितना विस्तार किया जाए और किस गति से किया जाए इसे लेकर मौजूदा सदस्यों के बीच मतभेद हैं.

भारत ने लगाई शर्तें

बिना नाम लिए एक सदस्य देश के एक अधिकारी के हवाले से रॉयटर्स ने कहा है कि सदस्यता विस्तार की रूपरेखा से संबंधित एक संधि पर हस्ताक्षर होने थे लेकिन हो नहीं पाए क्योंकि मोदी ने सदस्यता के नए मानदंडपेश कर दिए.

इस अधिकारी ने बताया कि मोदी ने जो नए मानदंड प्रस्तावित किये उनमें सदस्यों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का ना लगा होना शामिल है. इस शर्त की वजह से संभावित उम्मीदवार ईरान और वेनेजुएला रेस से बाहर हो जाएंगे.

मोदी ने न्यूनतम प्रति व्यक्ति जीडीपी की आवश्यकतापर भी जोर दिया. अधिकारी ने कहा, "यह चीजें मोदी आज ले कर आये. यह चीजें एक तरह से 'स्पॉयलर' बन रही हैं." दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों के मुताबिक 40 से भी ज्यादा देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने में रुचि दिखाई है और 22 ने आधिकारिक रूप से सदस्यता मांगी है.

गुरुवार बैठक का आखिरी दिन है और कई भावी उम्मीदवार ब्रिक्स के नेताओं के साथ बैठकों के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2023 01:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).