हरियाणा: 12 घंटे की कस्टडी पैरोल पर जेल से बाहर आया गैंगस्टर मैनपाल ढीला, भारी सुरक्षा के बीच प्रेमिका संग लिए फेरे; VIDEO

शादी समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. झज्जर सदर थाना पुलिस, अपराध शाखा और विशेष सुरक्षा दस्तों के करीब 100 जवानों को फार्महाउस और पारगमन मार्ग पर तैनात किया गया था.

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Haryana Gangster Manpal Dhilla:  हत्या और अन्य गंभीर मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल उर्फ ढीला (45 वर्ष) ने गुरुवार को अपनी कंबोडियाई पार्टनर मेटा चान (36 वर्ष) के साथ शादी रचाई. पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर आरोपी को शादी के अनुष्ठान संपन्न करने के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 12 घंटे की सख्त कस्टडी पैरोल दी गई थी. झज्जर जेल से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर झज्जर-गुरुग्राम मार्ग पर स्थित एक फार्महाउस में भारी पुलिस बल और स्वचालित हथियारों से लैस जवानों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से यह विवाह संपन्न हुआ.

100 पुलिसकर्मी, 500 मेहमान और कड़ा सुरक्षा घेरा

शादी समारोह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. झज्जर सदर थाना पुलिस, अपराध शाखा और विशेष सुरक्षा दस्तों के करीब 100 जवानों को फार्महाउस और पारगमन मार्ग पर तैनात किया गया था.

गैंगस्टर मैनपाल ढीला ने रचाई शादी

कार्यक्रम में शामिल होने वाले लगभग 500 मेहमानों के नाम, पते और फोन नंबर मुख्य द्वार पर दर्ज किए गए. सुरक्षा कारणों से मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर पाबंदी रही. क्रीम रंग की शेरवानी और लाल पगड़ी पहने दूल्हा मैनपाल ढीला जब विवाह मंडप में बैठा, तो उसके ठीक पीछे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने और स्वचालित हथियार लिए सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहे.

कंबोडिया में हुई थी मुलाकात और फरार होने की कहानी

झज्जर जिले के बादली गांव के निवासी मैनपाल ढीला के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट सहित करीब 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वर्ष 2013 में उसे हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

जुलाई 2018 में हिसार जेल से 6 हफ्ते की पैरोल मिलने के बाद वह फर्जी पहचान पत्रों के जरिए विदेश भाग गया था. कंबोडिया के सीम रीप शहर में रहकर उसने रेस्तरां और नाइट क्लब का कारोबार शुरू किया, जहां उसकी मुलाकात मेटा चान से हुई. दोनों कई वर्षों तक साथ रहे और उनके बच्चे भी हैं.

प्रत्यर्पण और उच्च न्यायालय का आदेश

हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल ने नवंबर 2024 में मैनपाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. जुलाई 2025 में कंबोडियाई अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और सितंबर 2025 में हरियाणा एसटीएफ की टीम उसे भारत ले आई, जिसके बाद से वह जेल में बंद था.

विवाह के लिए मैनपाल ने उच्च न्यायालय से पैरोल मांगी थी. जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की पीठ ने आपराधिक इतिहास को देखते हुए सामान्य पैरोल देने से इनकार कर दिया, लेकिन 24 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कस्टडी पैरोल की अनुमति दी. आदेश के अनुसार सुरक्षा का पूरा खर्च याचिकाकर्ता ने उठाया.

शादी के अनुष्ठान पूरे होने के बाद, तय समयानुसार रात 8 बजे से पहले ही पुलिस टीम गैंगस्टर मैनपाल को वापस झज्जर जेल ले आई. उसकी पत्नी मेटा चान अपने बच्चों के साथ फिलहाल अपने ससुराल वालों के पास रुकेंगी और बाद में कंबोडिया लौटेंगी.

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