Gwalior: डबरा में भारी बारिश के बीच भरभराकर गिरी दो मंजिला मकान की छत; मलबे में दबकर मां और 2 साल के मासूम की मौत, 3 घायल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे में बुधवार देर रात मूसलाधार बारिश के चलते एक पुराना दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया. हादसे के वक्त कमरे में सो रहे एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे के नीचे दब गए. अस्पताल ले जाते समय 2 वर्षीय मासूम बेटे और इलाज के दौरान उसकी मां ने दम तोड़ दिया. गंभीर रूप से घायल पिता और दो मासूम बेटियों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है.
ग्वालियर/डबरा: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे में बुधवार देर रात तेज बारिश के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया. डबरा सिटी थाना क्षेत्र के जंगीपुरा इलाके में स्थित एक पुराने दो मंजिला मकान की छत अचानक ढह जाने से कमरे में सो रहे एक ही परिवार के सदस्य मलबे में दब गए.
हादसे में 35 वर्षीय महिला और उसके 2 साल के मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
देर रात तेज आवाज के साथ गिरी छत, मलबे में दबा परिवार
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे घटी:
- अचानक ढही पट्टियां: बारिश के कारण सीलन और कमजोरी झेल रहे पुराने मकान की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे आ गिरीं. उस समय परिवार के लोग गहरी नींद में सो रहे थे.
- स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव: जोरदार आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी मौके की ओर दौड़े और तुरंत पुलिस को सूचना दी. प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों ने मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया था.
मां और दो वर्षीय मासूम बेटे ने तोड़ा दम
बचाव दल ने मलबे से निकालकर सभी घायलों को पहले डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया:
- रास्ते में तोड़ा दम: 2 वर्षीय मासूम आदित्य उर्फ गुन्नू की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई.
- उपचार के दौरान मां की मौत: गंभीर रूप से घायल मां सीमा रजक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
- तीन घायल ग्वालियर रेफर: परिवार के मुखिया जागेंद्र रजक (38 वर्ष) और उनकी दो बेटियां वैशाली (5 वर्ष) व रागिनी (8 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हैं. प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (JAH) रेफर किया गया है.
MP में महिला और बच्चे की मौत; 3 घायल
मजदूरी कर परिवार चलाता था पीड़ित, किराए पर था मकान
हादसे का शिकार हुआ रजक परिवार बेहद सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आता है:
- जूता फैक्ट्री में काम: परिवार के मुखिया जागेंद्र रजक ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं और रोजाना ट्रेन से आवागमन करते थे. उनकी पत्नी सीमा घरों में झाड़ू-पोंछे का काम कर परिवार का हाथ बंटाती थीं.
- किराए का जर्जर मकान: यह परिवार पिछले कुछ वर्षों से इस पुराने मकान में किराएदार के रूप में रह रहा था.
- दो बेटियां बाल-बाल बचीं: जागेंद्र के भाई राघवेंद्र रजक ने बताया कि जागेंद्र की दो अन्य बेटियां (नैंसी और गौरी) घटना के वक्त पास ही स्थित अपने चाचा के घर पर सो रही थीं, जिससे वे इस भीषण हादसे में बाल-बाल बच गईं.
लगातार हो रही बारिश के चलते पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतने और खतरे की जद में आए मकानों को खाली करने की अपील की है.