गुना के सरकारी स्कूल में शर्मनाक घटना, छात्र पर छात्राओं की बोतल में पेशाब मिलाने का आरोप; शिकायत पर प्रिंसिपल की विवादित टिप्पणी पर मचा बवाल
मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा के छात्र ने छात्राओं की पानी की बोतल में पेशाब मिला दिया. घटना की शिकायत करने पर प्रिंसिपल द्वारा संवेदनहीनता दिखाते हुए छात्राओं को टॉफी-चॉकलेट खाने की सलाह देने का मामला सामने आया है. प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है. जिले के आरोन विकासखंड स्थित एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं कक्षा के एक छात्र ने अपनी दो सहपाठी छात्राओं की पानी की बोतल में कथित तौर पर पेशाब मिला दिया. पानी पीने के बाद जब छात्राओं को इसका अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की. हालांकि, प्रिंसिपल ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए छात्राओं से कहा कि अगर मुंह का स्वाद खराब लग रहा है तो ₹10 की चॉकलेट खा लें.
शिकायत पर प्रशासनिक जांच और शो-कॉज नोटिस
मामले की खबर फैलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया. गुना के जिलाधिकारी (DM) किशोर कुमार कन्याल के निर्देश पर आरोन की उप-विभागीय अधिकारी (SDM) मंजूषा खत्री ने तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को जांच के लिए स्कूल भेजा. यह भी पढ़े: Mumbai Shocker: मुंबई में स्कूल प्रबंधन की शर्मनाक करतूत, 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़, 20 दिनों तक मामले को दबाया; चपरासी गिरफ्तार, CEO फरार
जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता छात्राओं, शिक्षकों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए. बीईओ को दो दिनों के भीतर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही कर्तव्य में लापरवाही और संवेदनहीन रवैया बरतने के आरोप में स्कूल के प्रिंसिपल को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है.
आरोपी छात्र और अभिभावक तलब
प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना के आरोपी छात्र और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए तलब किया है. जांच में इस पहलू को भी खंगाला जा रहा है कि क्या इस कृत्य में अन्य छात्र भी शामिल थे या यह किसी के उकसावे में किया गया काम था.
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन और पुलिस बल की तैनाती
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता छात्राओं के परिजन और स्थानीय ग्रामीण उग्र हो गए. प्रदर्शनकारियों ने स्कूल परिसर में एकत्र होकर प्रिंसिपल और आरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की और कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में ताला लगा दिया.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया.