Gujarat Cylinder Blast: गुजरात के कर्जन में हादसा, पेट्रोल पंप पर गैस भरवाते समय कार के CNG सिलेंडर में ब्लास्ट; VIDEO

गुजरात के वडोदरा जिले में नेशनल हाईवे 48 पर कर्जन के पास एक पेट्रोल पंप पर गैस भरवाते समय एक यात्री कार के सीएनजी (CNG) सिलेंडर में भीषण विस्फोट हो गया. गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि कार सवार सभी लोग गैस भरवाने से पहले ही वाहन से बाहर आ गए थे.

CNG Cylinder Blast

Gujarat CNG Cylinder Blast:  गुजरात के वडोदरा जिले में नेशनल हाईवे 48 पर कर्जन के पास एक पेट्रोल पंप पर गैस भरवाते समय एक यात्री कार के सीएनजी (CNG) सिलेंडर में भीषण विस्फोट हो गया. गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि कार सवार सभी लोग गैस भरवाने से पहले ही वाहन से बाहर आ गए थे. हालांकि, ब्लास्ट इतना जोरदार था कि कार के पिछले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और पास खड़ी दो अन्य गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा.

सुरक्षा नियमों के पालन से टला बड़ा हादसा

घटना के समय पंप पर मौजूद कर्मचारी और कार के यात्री सुरक्षित दूरी पर खड़े थे. सीएनजी भरवाते समय वाहन से बाहर निकलने के मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया. यह फ्यूल स्टेशन हाईवे कॉरिडोर के साथ जिंदल और टिंबा औद्योगिक क्षेत्र के करीब स्थित है. अचानक हुए इस धमाके से कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई, लेकिन विस्फोट के तुरंत बाद लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया.  यह भी पढ़े:   Nitrogen Cylinder Blast: दादरा नगर हवेली में बड़ा हादसा, इंडस्ट्रियल एरिया में नाइट्रोजन गैस सिलेंडर फटने से 4 की मौत, कई घायल; VIDEO

CNG सिलेंडर में ब्लास्ट

धमाके से आसपास की गाड़ियों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार, गैस भरते समय अत्यधिक दबाव के कारण सिलेंडर फट गया. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सिलेंडर बीच से दो हिस्सों में बंट गया और कार का बूट (डिक्की) पूरी तरह से नष्ट हो गया. इसके अलावा, कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे दो अन्य वाहनों की खिड़कियां टूट गईं और बॉडी पैनल भी क्षतिग्रस्त हो गए.

फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कर्जन फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. बचाव दल ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित डिस्पेंसर बे (Dispenser bay) को सील कर दिया और गैस रिसाव की गहन जांच की. अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर आग नहीं लगी थी, जिससे स्थिति को समय रहते पूरी तरह से नियंत्रण में ले लिया गया.

सीएनजी सिलेंडर के लिए हाइड्रो-टेस्टिंग के नियम

भारत में सीएनजी से चलने वाले वाहनों को समय-समय पर सुरक्षा निरीक्षण से गुजरना अनिवार्य होता है. नियम के मुताबिक, आमतौर पर हर तीन साल में सिलेंडरों की हाइड्रो-टेस्टिंग की जानी चाहिए. इस टेस्ट से यह प्रमाणित होता है कि सिलेंडर का बाहरी आवरण बिना किसी धातु की कमजोरी (Metal fatigue) या रिसाव के गैस के दबाव को सुरक्षित रूप से संभाल सकता है.

सिलेंडर की वैधता और किट की हो रही जांच अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कार में कोई अनधिकृत (आफ्टरमार्केट) सीएनजी किट लगाई गई थी. इसके अलावा, वाहन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या सिलेंडर की हाइड्रो-टेस्टिंग का शेड्यूल और नियामक अनुपालन समाप्त तो नहीं हो गया था. फिलहाल, गैस एजेंसी और प्रशासन द्वारा जांच जारी है और सिलेंडर फटने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि होनी अभी बाकी है.

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