दिल्लीवासियों के लिए खुशखबरी: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अगला ठिकाना होगी राजधानी, सोनीपत-सब्जी मंडी के बीच जल्द शुरू होगा ट्रायल
सब्जी मंडी तक ट्रायल सफल रहने के बाद इस ट्रेन का विस्तार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक करने की योजना बनाई गई है. इस पहल से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
Good News for Delhiites: हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच सफलतापूर्वक संचालित हो रही भारत की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन का अगला गंतव्य अब देश की राजधानी दिल्ली बनने जा रहा है. भारतीय रेलवे के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस पर्यावरण अनुकूल ट्रेन का ट्रायल सोनीपत रेलवे स्टेशन से दिल्ली के सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के बीच शुरू करने की तैयारी की जा रही है.
सब्जी मंडी तक ट्रायल सफल रहने के बाद इस ट्रेन का विस्तार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक करने की योजना बनाई गई है. इस पहल से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह भी पढ़े: Mahavitaran Tariff Cut From April 1: महाराष्ट्र में बिजली सस्ती, 100 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
बोरियों के साथ होगा परीक्षण
सोनीपत से सब्जी मंडी के बीच प्रस्तावित ट्रायल के दौरान ट्रेन और रेलवे ट्रैक की वहन क्षमता और तकनीकी मानकों की कड़ाई से जांच की जाएगी. 10 डिब्बों वाली इस हाइड्रोजन ट्रेन में 8 यात्री कोच मौजूद हैं.
परीक्षण के दौरान ट्रेन के सभी 8 यात्री कोचों में यात्रियों की बैठने और खड़े होने की कुल क्षमता के अनुसार वजन का आकलन किया जाएगा. इसके लिए ट्रेन में लगभग 2,600 यात्रियों के कुल भार के बराबर रेत की बोरियां भरी जाएंगी ताकि वास्तविक परिचालन स्थितियों का सही मूल्यांकन किया जा सके.
दिल्ली में ट्रायल शुरू होने में आ रही यह मुख्य बाधा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली मार्ग पर ट्रायल की तारीख को अंतिम रूप देने में एक मुख्य तकनीकी व परिचालन चुनौती सामने आ रही है. वर्तमान में यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर अपनी नियमित समय सारिणी (टाइमटेबल) के अनुसार सेवा में शामिल है.
जब सोनीपत और दिल्ली के बीच इसका परीक्षण शुरू होगा, तो इस दौरान कम से कम 4 से 5 दिनों तक जींद-सोनीपत रूट पर इसकी नियमित यात्री सेवाएं स्थगित रखनी पड़ेंगी. व्यस्त रूट से ट्रेन को अस्थायी रूप से हटाकर ट्रायल के लिए लगाने के इस परिचालन मसले का समाधान निकालने के लिए रेलवे अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं. जल्द ही इसका हल निकलने की संभावना है.
जींद-सोनीपत रूट पर मिली बड़ी सफलता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद से जींद-सोनीपत मार्ग पर इस ट्रेन का प्रदर्शन बेहद सफल रहा है. 1,200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुकी इस हाइड्रोजन ट्रेन ने हजारों लीटर डीजल की खपत बचाई है.
परंपरागत डीजल ट्रेनों के विपरीत, यह हाइड्रोजन ट्रेन हवा से ऑक्सीजन और ईंधन सेल में हाइड्रोजन के बीच रासायनिक प्रक्रिया से ऑन-बोर्ड बिजली पैदा करती है. इस पूरी प्रक्रिया में जहरीले धुएं या कार्बन उत्सर्जन के बजाय उप-उत्पाद (बाय-प्रोडक्ट) के रूप में केवल जलवाष्प (वाटर वेपर) और गर्मी बाहर निकलती है, जो इसे रेलवे का सबसे स्वच्छ परिवहन विकल्प बनाती है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2026 10:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

