गंगा के पास बाढ़ की स्थिति: बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गढ़मुक्तेश्वर में अलर्ट, श्रद्धालुओं और नाव संचालकों को सतर्क किया गया; VIDEO

पहाड़ों में जारी मूसलाधार बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है. प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से नावों के संचालन पर रोक लगा दी है.

(Photo/ANI)

गंगा के पास बाढ़ की स्थिति: पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के कारण उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा नदी (Ganga River) का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है. बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

प्रशासन ने नावों के संचालन पर लगाई रोक

गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं. गढ़मुक्तेश्वर के उपजिलाधिकारी (SDM) श्रीराम यादव ने बताया कि क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गंगा नदी में नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. उन्होंने कहा कि जलस्तर में अचानक वृद्धि से किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है.  यह भी पढ़े: Bhopal Weather Update: भोपाल आज का मौसम, 1 अगस्त, हल्की बूंदाबांदी के साथ उमस भरा दिन रहने की उम्मीद

प्रशासन का अलर्ट

तटीय गांवों में अलर्ट, निगरानी तेज

गंगा के किनारे बसे निचले इलाकों और गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है. संबंधित अधिकारियों और राजस्व टीमों को स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही नदी के घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति गहरे पानी में न जाए.

पहाड़ों में बारिश और बैराज का असर

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इसके परिणामस्वरूप मैदानों में नदियां उफान पर हैं. बिजनौर बैराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से मैदानी इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. यदि पहाड़ों में बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा, तो गढ़मुक्तेश्वर और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.

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