Fuel Export Duty: केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर बढ़ाई विंडफॉल लेवी, डीजल निर्यात शुल्क में भारी कटौती; नई दरें 16 अक्टूबर से लागू

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा संशोधन किया है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को 50 पैसे से बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

Representational Image of Petrol, Diesel (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में जारी हलचल को देखते हुए भारत सरकार ने ईंधन निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स (अप्रत्याशित लाभ कर) की दरों में ताजा संशोधन किया है.

वित्त मंत्रालय द्वारा 16 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पेट्रोल निर्यात शुल्क में पांच गुना बढ़ोतरी की गई है, जबकि डीजल के निर्यात शुल्क में लगभग 47 प्रतिशत की कटौती की गई है. नई दरें शुक्रवार से प्रभावी कर दी गई हैं.

पेट्रोल पर बढ़ी लेवी, डीजल पर राहत: नई दरों का ब्योरा

मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, रिफाइनरी कंपनियों द्वारा बाहर भेजे जाने वाले ईंधनों पर संशोधित टैक्स संरचना इस प्रकार है:

पाक्षिक समीक्षा और अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

भारत सरकार हर 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की औसत कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन के आधार पर विंडफॉल टैक्स की दरों की समीक्षा करती है:

क्यों लगाया जाता है विंडफॉल टैक्स?

भारत सरकार ने पहली बार जुलाई 2022 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax) लागू किया था:

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