FSSAI Bans Sale Of Everest And Laljee Godhoo Hing Powder: एफएसएसएआई ने एवेरेस्ट और लालजी गोधू के हींग पाउडर की बिक्री पर लगाई रोक, गुणवत्ता जांच में सैंपल फेल

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब FSSAI देशभर में घरेलू मसालों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रख रहा है. पिछले कुछ महीनों में खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मसाला निर्माताओं के यहां रैंडम सैंपलिंग, निरीक्षण और गुणवत्ता ऑडिट तेज कर दिए हैं. इसका उद्देश्य कीटनाशकों के स्तर, सही लेबलिंग और उत्पादों की शुद्धता से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है.

FSSAI Bans Sale Of Everest And Laljee Godhoo Hing Powder: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद Everest Food Products Pvt Ltd और Laljee Godhoo & Company (LG) के कंपाउंडेड हींग (Asafoetida) पाउडर की बिक्री पर रोक लगा दी है. यह कार्रवाई बाजार से लिए गए सैंपलों के गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद की गई. Food Safety Crackdown: मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के 5 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित; FDA ने की बड़ी कार्रवाई

FSSAI ने उपभोक्ता की एक शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की थी. इसके तहत खाद्य नियामक और राज्य प्राधिकरणों ने देशभर में प्रमुख मसाला ब्रांडों के उत्पादों की निगरानी और परीक्षण किया.

लैब जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं

Food Safety and Standards Regulations, 2011 के अनुसार कंपाउंडेड हींग में कच्ची हींग से प्राप्त कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल-सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट होना अनिवार्य है. मुंबई और गुजरात के उमरगांव स्थित निर्माण इकाइयों से लिए गए सैंपलों की प्रयोगशाला जांच में यह मानक पूरा नहीं पाया गया.

जांच में पाया गया कि परीक्षण किए गए सैंपलों में अल्कोहल-सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट केवल 0 से 3 प्रतिशत तक था. इससे संकेत मिलता है कि उत्पाद तैयार करने में कानूनी मानकों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत कम कच्ची हींग का उपयोग किया गया. इसके अलावा Laljee Godhoo की कच्ची हींग के सैंपलों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत पाई गई, जबकि नियमों के अनुसार इसकी अधिकतम सीमा 1 प्रतिशत निर्धारित है.

FSSAI ने बिक्री पर लगाई रोक, मांगा सुधार योजना

FSSAI ने दोनों कंपनियों को गैर-अनुपालन वाले कई बैचों की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही नियामक ने Everest और Laljee Godhoo को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द विस्तृत Corrective Action Plan प्रस्तुत करें. इसमें यह बताना होगा कि निर्माण प्रक्रिया में मौजूद कमियों को कैसे दूर किया जाएगा और उत्पादों की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप कैसे बनाया जाएगा.

मसाला उत्पादों पर बढ़ी निगरानी

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब FSSAI देशभर में घरेलू मसालों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रख रहा है. पिछले कुछ महीनों में खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मसाला निर्माताओं के यहां रैंडम सैंपलिंग, निरीक्षण और गुणवत्ता ऑडिट तेज कर दिए हैं. इसका उद्देश्य कीटनाशकों के स्तर, सही लेबलिंग और उत्पादों की शुद्धता से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है.

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