Food Poisoning in Telangana: तेलंगाना में पानीपुरी खाने के बाद 15 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
तेलंगाना के राजन्ना सिर्सिला जिले में एक सड़क किनारे ठेले से पानीपूरी खाने के बाद 15 बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है
Food Poisoning in Telangana: तेलंगाना के राजन्ना सिर्सिला जिले से फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) का एक गंभीर मामला सामने आया है. थंगल्लापल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी में सड़क किनारे ठेले से पानीपूरी खाने के बाद कम से कम 15 बच्चे बीमार हो गए. पानीपूरी खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों ने पेट दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत की. सभी प्रभावित बच्चों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है.
उल्टी और दस्त के बाद नागरिक अस्पताल में कराया भर्ती
थंगल्लापल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों ने स्थानीय कॉलोनी में लगे एक स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी वाले) से पानीपूरी खाई थी. दूषित पानी या खाद्य सामग्री के कारण बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. यह भी पढ़े: Food Poisoning in Ahmedabad: गुजरात के अहमदाबाद में फूड पॉइजनिंग का मामला, धार्मिक कार्यक्रम में ‘सेव-खमणी’ खाने से 100 लोग पड़े बीमार, अस्पताल में भर्ती
अभिभावक आनन-फानन में बीमार बच्चों को राजन्ना-सिर्सिला जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल (नागरिक अस्पताल) ले गए. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी 15 बच्चों को आवश्यक चिकित्सा सहायता और ड्रिप दी गई है. वर्तमान में सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं.
पानीपुरी खाने के बाद 15 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
पुलिस ने पानीपूरी विक्रेता को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थंगल्लापल्ली पुलिस की एक टीम सिविल अस्पताल और उस क्षेत्र में पहुंची जहां पानीपूरी बेची गई थी. एहतियात के तौर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पानीपूरी विक्रेता को हिरासत में ले लिया है.
पुलिस ने विक्रेता के पास मौजूद पानी और अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने एकत्र किए हैं, ताकि उनकी शुद्धता की जांच की जा सके. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या पानीपूरी में इस्तेमाल किया गया पानी दूषित था या उसमें किसी प्रकार की खराबी थी.
बिना किसी औपचारिक शिकायत के भी जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी तक बीमार बच्चों के परिवारों या अभिभावकों की ओर से कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. इसके बावजूद, बच्चों के स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गर्मी और मॉनसून के इस मौसम में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और असुरक्षित पेयजल का सेवन करने से बचें. पुलिस मामले की विस्तृत कानूनी जांच कर रही है.