Bear Attack: छत्तीसगढ़ के कांकेर में भालू का जानलेवा हमला; भाई-बहन की मौत, एक अन्य बहन घायल (Video)
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र में एक मादा भालू के हमले में खेत में काम कर रहे भाई और बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई.
कांकेर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कांकेर जिले (Kanker Distric) में एक जंगली भालू (Bear) के घातक हमले में भाई और बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी एक अन्य बहन गंभीर रूप से घायल हो गई. यह दुखद घटना बुधवार, 5 अगस्त 2026 की दोपहर नरहरपुर वन परिक्षेत्र (Narharpur Forest Range) के अंतर्गत आने वाले लरगांव-मरकाटोला गांव में घटी, जब तीनों एक खेत में काम कर रहे थे.
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया. यह भी पढ़ें: Bear Killed Father and Son Video: छत्तीसगढ़ में जंगल से लकड़ी लेने गए पिता और बेटे को भालू ने मारा डाला, देखें खौफनाक वीडियो
खेत में काम करने के दौरान हुआ हमला
वन अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान हलाल खोर जुर्री (38 वर्ष) और उनकी 40 वर्षीय बहन चमरीन बाई के रूप में हुई है. इस हमले में उनकी 30 वर्षीय छोटी बहन खोरीन बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं.
घायल खोरीन बाई को तुरंत कांकेर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. ग्रामीणों ने बताया कि तीनों भाई-बहन खेत में काम में व्यस्त थे, तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया.
छत्तीसगढ़ के कांकेर में जंगली भालू ने एक व्यक्ति और उसकी बहन की जान ले ली
बच्चे की मौत के बाद आक्रामक हुई थी मादा भालू
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, हमला करने वाला जीव एक मादा भालू थी, जो मंगलवार को अपने एक शावक (बच्चे) की मौत के बाद से ही काफी आक्रामक और तनाव में थी.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद भी भालू पीड़ितों के शवों के पास ही डटी रही और उन पर हमला करती रही. इस दौरान दूर से बनाए गए कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए. भालू की मौजूदगी के कारण शुरुआत में राहत दल और ग्रामीणों के लिए पीड़ितों के पास पहुंचना काफी जोखिम भरा हो गया था.
प्रशासन की कार्रवाई और चेतावनी
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय विधायक आशाराम नेताम ने भी मौके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि जब वन विभाग के अधिकारी पहुंचे, तब भी भालू शवों के करीब ही मौजूद था.
बाद में रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ वन टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मादा भालू को ट्रैंक्विलाइजर (बेहोशी का इंजेक्शन) देकर सुरक्षित रूप से काबू में किया. वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल तथा प्रभावित खेतों की ओर न जाने की सख्त सलाह जारी की है.