दिल्ली सत्य निकेतन हादसा: फरार बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार मकान मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है.
Delhi Satya Niketan Accident: दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार मकान मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है. रविवार दोपहर मरम्मत कार्य के दौरान घटे इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
भिवाड़ी से पकड़ा गया आरोपी मकान मालिक
हादसे के बाद से ही मकान मालिक हरिराम बंसल फरार चल रहा था. पुलिस ने उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था और तलाश के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया था. यह भी पढ़े: Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से हाहाकार, 12 जिलों में 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित; CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण (Watch Video)
तकनीकी सर्विलांस की मदद से दिल्ली पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के भिवाड़ी से धर दबोचा. पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से निर्माण कार्य कराने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा एक्शन: 5 अधिकारी निलंबित
इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के 5 वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
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निलंबित अधिकारियों में साउथ जोन के उपायुक्त (Deputy Commissioner), अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer), अधिशासी अभियंता (Executive Engineer), सहायक अभियंता (Assistant Engineer) और कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) शामिल हैं.
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुरानी इमारत की धरातल मंजिल पर बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों और अनुमति के मरम्मत कार्य कराया जा रहा था.
मलबे में तलाश के लिए NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (IG) नरेंद्र बुंदेला के अनुसार, कटर, हाइड्रोलिक जैक और स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे के नीचे फंसे अन्य संभावित लोगों की तलाश की जा रही है.
हादसे का शिकार बनी यह इमारत लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रह रहे थे. प्रशासन ने आसपास की जर्जर इमारतों को भी खाली कराने और सुरक्षा ऑडिट के निर्देश जारी किए हैं.