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Delhi Protest: 25 जुलाई के वादों पर अमल न होने का आरोप; CJP का 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए 5 सितंबर को नई दिल्ली में एक बड़े शांतिपूर्ण विरोध मार्च की घोषणा की है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार, यह मार्च इंडिया गेट से नए दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक निकाला जाएगा.

Delhi Protest: 25 जुलाई के वादों पर अमल न होने का आरोप; CJP का 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च का ऐलान
File image of CJP (Photo Credits: Facebook)

नई दिल्ली: 25 जुलाई को केंद्र सरकार के साथ बनी सहमति और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वापस लिया गया छात्र आंदोलन एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार, 24 अगस्त को औपचारिक ऐलान किया कि वह 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को इंडिया गेट से नए दिल्ली पुलिस मुख्यालय (Police HQ) तक एक व्यापक शांतिपूर्ण विरोध मार्च आयोजित करेगी.

पार्टी ने केंद्र सरकार पर पिछले एक महीने से तकनीकी पेचों की आड़ में वादों को टालने और देश की युवा पीढ़ी के साथ 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: 'आपके पास 48 घंटे हैं': जयपुर में CJP की टीम पर हमले के बाद आशुतोष रांका ने 'बीजेपी गुंडों' के खिलाफ कार्रवाई की मांग की (Video)

राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिया गया निर्णय

बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर 2 बजे CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति (National Working Committee) की अहम बैठक आयोजित की गई.

बैठक में केंद्र सरकार और राज्य प्रशासनों द्वारा 25 जुलाई को दिए गए आश्वासनों की प्रगति की समीक्षा की गई. संगठन के अनुसार:

  • एफआईआर वापसी पर गतिरोध: प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर दर्ज एफआईआर (FIR) को वापस लेने या रद्द करने को लेकर सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
  • लिखित आश्वासन का अभाव: सरकार की ओर से आंदोलनकारियों को अब तक कोई औपचारिक लिखित आश्वासन नहीं सौंपा गया है.
  • मुआवजे का मुद्दा: नीट पेपर लीक विवाद के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को घोषित मुआवजा प्रदान करने में हीलाहवाली की जा रही है.

'सुप्रीम कोर्ट में भी साफ रुख नहीं अपना रही सरकार'

रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP ने 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का भी उल्लेख किया.

संगठन का दावा है कि शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से देशभर में छात्रों पर दर्ज मुकदमों की सूची मांगी थी ताकि उन्हें एकमुश्त रद्द करने पर विचार किया जा सके, लेकिन सरकार ने स्पष्ट सूची और प्रतिबद्धता देने से परहेज किया. पार्टी के प्रवक्ताओं ने कहा:

"हमारी भलमनसाहत और धैर्य को सरकार कमजोरी समझने की भूल न करे. पूरी पीढ़ी के भरोसे का इस्तेमाल कर उन्हें घर वापस भेज देना और फिर अपने ही वादों से पीछे हट जाना कतई स्वीकार नहीं होगा."

CJP ने 5 सितंबर को विरोध मार्च की घोषणा की

पीड़ित परिवार और घायल छात्र करेंगे मार्च की अगुवाई

CJP द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, 5 सितंबर के मार्च का नेतृत्व वे परिवार करेंगे जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है, साथ ही 20 जुलाई के 'संसद चलाओ' मार्च के दौरान कथित पुलिस लाठीचार्ज व कार्रवाई में घायल हुए पीड़ित युवा भी अगली कतार में रहेंगे.

संगठन ने देशभर के छात्र संगठनों, युवाओं और नागरिकों से 5 सितंबर को इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से जुटने की अपील की है.

37 दिन के आंदोलन के बाद बनी थी सहमति

इससे पहले जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले निरंतर धरने के बाद केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता के आधार पर CJP ने 25 जुलाई को अपना देशव्यापी आंदोलन वापस लिया था. तब सरकार ने परीक्षा सुधारों पर विचार करने, मुकदमे वापस लेने और पीड़ित परिवारों को राहत देने की सैद्धांतिक सहमति जताई थी.

अब नए सिरे से मार्च के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा और प्रशासनिक अनुमति को लेकर हलचल तेज हो गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 09:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).