Delhi Horror: दिल्ली में फुटपाथ पर सो रही 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म के बाद हत्या; ऐप-आधारित कैब ड्राइवर गिरफ्तार

दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही एक 11 साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐप-आधारित कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. सीन रिक्रिएशन के दौरान भागने की कोशिश करने पर पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के महरौली इलाके से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां सोमवार तड़के फुटपाथ पर अपने परिवार के साथ सो रही एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया. आरोपी ने चलती कार में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को गुरुग्राम-फरीदाबाद बॉर्डर (Gurugram-Faridabad Border) के पास एक जंगली इलाके में फेंक दिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाई और घटना के छह घंटे के भीतर ही आरोपी कैब ड्राइवर को उस वक्त धर दबोचा, जब वह एक अन्य यात्री को छोड़ने जा रहा था. आरोपी की पहचान 29 वर्षीय बाशु कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. यह भी पढ़ें: Bengaluru Triple Murder: बेंगलुरु में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड, बड़ी बेटी और लिव-इन पार्टनर ने माता-पिता और छोटी बहन को उतारा मौत के घाट

तड़के 5 बजे फुटपाथ से किया गया अपहरण

दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) अनंत मित्तल ने बताया कि यह जघन्य वारदात सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे महरौली के सीडीआर (CDR) चौक पर हुई. पीड़ित बच्ची का परिवार फुटपाथ पर सो रहा था. बच्ची के अचानक गायब होने पर परिवार की आंख खुली और उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया.

मासूम बच्ची की तलाश के लिए पुलिस प्रशासन ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 20 विशेष टीमों का गठन किया. पुलिस ने क्षेत्र के स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय किया और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए, जिससे हरियाणा नंबर की एक संदिग्ध वैगनआर कैब की पहचान हुई.

6 घंटे में गिरफ्तारी और शव की बरामदगी

सीसीटीवी फुटेज और जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने आरोपी ड्राइवर की लोकेशन का पता लगाया और वारदात के छह घंटे के भीतर उसे पश्चिम दिल्ली के विकासपुरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के समय आरोपी गाड़ी में एक सवारी को ड्रॉप कर रहा था.

शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्त पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर स्थित एक सुनसान जंगल से बच्ची का शव बरामद किया. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया है. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने अपहरण स्थल और शव बरामदगी वाले स्थान से साक्ष्य एकत्र किए हैं.

सीन रिक्रिएशन के दौरान भागने का प्रयास, पैर में लगी गोली

पुलिस ने आरोपी बाशु कुमार सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. मंगलवार को अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया.

मंगलवार रात करीब 8:30 बजे जब पुलिस टीम आरोपी को वारदात के सिलसिले में 'सीन रिक्रिएशन' (अपराध के क्रम को दोबारा समझने) के लिए मांडी रोड पर ले गई, तो उसने भागने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली और टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा और उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी बाशु के पैर में गोली लगी है. घायल आरोपी को तुरंत मदन मोहन मालवीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

पुराना आपराधिक इतिहास और शून्य पछतावा

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बाशु कुमार सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उसके गृह राज्य बिहार (छपरा) में उसके खिलाफ पांच आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें से चार मामले यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) और एक मामला हत्या के प्रयास का है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी के चेहरे पर अपने किए का कोई पछतावा या शिकन नहीं थी. यह वारदात दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और ऐप-आधारित टैक्सी एग्रीगेटर्स द्वारा ड्राइवरों के पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है.

Share Now