पी चिदंबरम को बड़ा झटका, INX मीडिया घोटाला में दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका, हो सकते हैं गिरफ्तार
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अब पूर्व वित्त मंत्री पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन मामलों में पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अब पूर्व वित्त मंत्री पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब ईडी और सीबीआई जल्द ही चिदंबरम को गिरफ्तार कर सकते हैं. सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन का मामला दाखिल किया है. जस्टिस सुनील गौड़ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका पर 25 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था.
अदालत में दोनों जांच एजेंसियों ने दलील दी थी कि चिदंबरम के वित्तमंत्री के तौर पर कार्यकाल के दौरान मीडिया समूह को 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त करने के लिए एफआईपीबी मंजूरी प्रदान की गई थी. ED तरफ से यह दलील भी दी गई कि जिन कंपनियों में धनराशि हस्तांतरित की गई वे सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर चिदंबरम के पुत्र कार्ति द्वारा नियंत्रित हैं.
यह भी पढ़ें- पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को ED का समन, UPA कार्यकाल के दौरान एयर इंडिया के सौदे से जुड़ा है मामला
पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज-
Delhi High Court dismisses both anticipatory bail pleas of Former Union Finance Minister P Chidambaram in connection with INX Media case. pic.twitter.com/Gbt4Py4y8m
— ANI (@ANI) August 20, 2019
चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. इस केस में अभी तक चिदंबरम को कोर्ट से करीब दो दर्जन बार अंतरिम प्रोटेक्शन यानी गिरफ्तारी पर रोक की राहत मिली हुई है.
ये मामला 2007 का है जब यूपीए कार्यकाल के दौरान पी चिदंबरम वित्तमंत्री थे. चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने वित्तमंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए 305 करोड़ रुपये की रिश्वत ली. बता दें कि इस मामले में सीबीआई और ईडी पहले ही चिदंबरम के बेटे कार्ति को गिरफ्तार कर चुकी है. कार्ति चिदंबरम फिलहाल जमानत पर हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2019 03:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

