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Covaxin: भारत बायोटेक का दावा, ओमिक्रॉन को बेअसर कर सकता है कोवैक्सीन का बूस्टर डोज

हैदराबाद की दवा कंपनी ने एक बयान में कहा, नए अध्ययन ने उन सब्जेक्ट्स से सीरा का प्रदर्शन किया, जिन्हें कोवैक्सीन (बीबीवी152) की प्राथमिक दो-खुराक प्राप्त करने के छह महीने बाद कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक मिली है और इस तरह से इसने सार्स-सीओवी-2 ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर दिया.

Covaxin: भारत बायोटेक का दावा, ओमिक्रॉन को बेअसर कर सकता है कोवैक्सीन का बूस्टर डोज
कोवैक्सीन (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने बुधवार को कहा कि कोवैक्सीन (Covaxin) का बूस्टर डोज कोविड-19 (COVID-19) के ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट को बेअसर करने में कारगर है. बुधवार को कंपनी की ओर से एक बयान में बताया गया कि अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय (Emory University) में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक नए वेरिएंट को बेअसर करने में सक्षम है. इससे पहले के अध्ययनों ने अल्फा (Alfa), बीटा (Beta), डेल्टा (Delta), जेटा (Zeta) और कप्पा (Kappa) जैसे अन्य चिंताजनक सार्स-सीओवी-2 वैरिएंट (SARS-CoV-2 Variant) के खिलाफ कोवैक्सीन की बेअसर करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है. COVID-19 Update: फिर बढ़ रहा कोरोना का कहर, 24 घंटे में 1.94 लाख नए मामले, 4868 ओमिक्रॉन से संक्रमित

हैदराबाद की दवा कंपनी ने एक बयान में कहा, नए अध्ययन ने उन सब्जेक्ट्स से सीरा का प्रदर्शन किया, जिन्हें कोवैक्सीन (बीबीवी152) की प्राथमिक दो-खुराक प्राप्त करने के छह महीने बाद कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक मिली है और इस तरह से इसने सार्स-सीओवी-2 ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर दिया.

भारत बायोटेक ने इससे पहले शनिवार को कहा था कि कोरोना के खिलाफ बूस्टर डोज के रूप में भी कोवैक्सीन काफी असरदार है। कंपनी ने कहा कि वैक्सीन बूस्टर डोज के तौर पर कोरोना से लंबी सुरक्षा देगा, जिसके शानदार नतीजे ट्रायल के दौरान दिखे हैं.

भारत बायोटेक ने कहा है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक सुरक्षित है और इम्युनिटी बनाने में सफल साबित हुई है. कोवैक्सीन ने दीर्घकालिक सुरक्षा का प्रदर्शन किया है. 90 प्रतिशत बूस्टर डोज लेने वालो में कोरोना के वाइट टाइप स्ट्रेन (दूसरी खुराक के छह महीने बाद) के खिलाफ एंटीबाडी प्रतिक्रिया भी देखी गई है.

एमोरी वैक्सीन सेंटर के सहायक प्रोफेसर और प्रयोगशाला विश्लेषण का नेतृत्व करने वाले मेहुल सुथर ने कहा, इस प्रारंभिक विश्लेषण के डेटा से पता चलता है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों में ओमिक्रॉन और डेल्टा दोनों वेरिएंट्स के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है. इन निष्कर्षों से पता चलता है कि बूस्टर खुराक में रोग की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने की क्षमता को कम करने की क्षमता है.

भारत बायोटेक के अनुसार, विशिष्ट रूप से तैयार एक ही खुराक वयस्कों और बच्चों को समान रूप से दी जा सकती है. कोवैक्सीन एक रेडी-टू-यूज, लिक्विड वैक्सीन है, जिसे 2-8 डिग्री सेल्सियस पर संग्रहीत किया जाता है, जिसमें 12 महीने की शेल्फ लाइफ और मल्टी-डोज वायल पॉलिसी शामिल होती है.

ओमिक्रॉन के मद्देनजर, कई देशों ने बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए तीसरी बूस्टर खुराक शुरू की है. भारत ने भी 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों और बुजुर्गों के लिए एहतियाती खुराक यानी बूस्टर डोज शुरू की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2022 09:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).