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Congress Party President Election: 1998 के बाद कांग्रेस पहले गैर-गांधी पार्टी अध्यक्ष के लिए तैयार

1998 के बाद यह पहला चुनाव होगा जब किसी गैर-गांधी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना जाएगा. 1998 में सोनिया गांधी ने जितेंद्र प्रसाद को हराकर अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था. तब से वह निर्विरोध चुनी गईं और 2017 में राहुल गांधी निर्विरोध चुने गए.

Congress Party President Election: 1998 के बाद कांग्रेस पहले गैर-गांधी पार्टी अध्यक्ष के लिए तैयार
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Photo Credit : ANI)

आने वाले सप्ताह में कांग्रेस के नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। अब ऐसा लग रहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर के अलावा मनीष तिवारी भी रिंग में उतरेंगे और कुछ अन्य भी मैदान में शामिल हो सकते हैं. जहां चुनाव में गांधी परिवार के करीबी के अध्यक्ष बनने की संभावना है, वहीं पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि, चुनाव निष्पक्ष होंगे और वह किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगी. सूत्रों ने बताया कि गहलोत के राष्ट्रीय राजनीति में शामिल होने की स्थिति में राजस्थान के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. यह नही पढ़ें: अंकिता के पिता बोले, रिजॉर्ट को ढहाने से सबूत भी नष्ट हो गए होंगे

1998 के बाद यह पहला चुनाव होगा जब किसी गैर-गांधी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना जाएगा. 1998 में सोनिया गांधी ने जितेंद्र प्रसाद को हराकर अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था. तब से वह निर्विरोध चुनी गईं और 2017 में राहुल गांधी निर्विरोध चुने गए.

गहलोत ने कहा कि, राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है और चाहते हैं कि एक गैर-गांधी पार्टी अध्यक्ष बने. गहलोत ने कहा, मैं जल्द ही नामांकन दाखिल करूंगा और यह समय की जरूरत है कि विपक्ष मजबूत हो. गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा यदि वह चुने जाते हैं क्योंकि राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि कांग्रेस 'एक आदमी एक पद' के फामूर्ले का पालन करेगी.

कांग्रेस ने दोहराया था कि कोई भी पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकता है क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया है और इसके लिए नेतृत्व की अनुमति की आवश्यकता नहीं है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, यह दोहराना महत्वपूर्ण है कि किसी भी सदस्य का कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ने के लिए स्वागत है। यह एक लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया है. किसी को भी चुनाव लड़ने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है, खासकर पार्टी नेतृत्व की.

जयराम ने प्रवक्ताओं से किसी भी उम्मीदवार पर टिप्पणी नहीं करने के लिए भी कहा है क्योंकि उनका कर्तव्य यह उजागर करना है कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जो चुनाव करा रही है. यह निर्देश पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उम्मीदवारी का खुलकर समर्थन करने के एक दिन बाद आया है. उन्होंने एआईसीसी प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्टों, संचार विभाग के पदाधिकारियों को एक संदेश में कहा, हम सभी की अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताएं होती हैं लेकिन हमारा काम इसे उजागर करना है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव करा रही है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसके अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी व्यवस्था है और इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए. कांग्रेस भारत में एकमात्र राजनीतिक दल है जिसके पास संगठनात्मक चुनाव कराने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण है. उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्ति को नामांकन फॉर्म भरने के लिए 10 पीसीसी प्रतिनिधियों को छोड़कर ऐसा करने के लिए किसी और की अनुमति की आवश्यकता नहीं है.

कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने 22 सितंबर को एआईसीसी अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की थी. अधिसूचना के अनुसार, गुरुवार से नामांकन फॉर्म उपलब्ध होंगे, जबकि नामांकन 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच होगा. नामांकनों की जांच एक अक्टूबर को होगी और उसी दिन वैध उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की जाएगी. निकासी की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर है, जिसके बाद एक अंतिम सूची लाई जाएगी। मतदान जहां 17 अक्टूबर को होगा, वहीं मतगणना 19 अक्टूबर को होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2022 06:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).