एजेंसी न्यूज

दिल्ली के अस्पताल में एक व्यक्ति की थाइरॉयड ग्रंथि से निकाला गया “नारियल के आकार” का ट्यूमर

दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बिहार के 72 वर्षीय किसान की थाइरॉयड ग्रंथि से “नारियल के आकार” का ट्यूमर निकाला गया. डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें इस सर्जरी में मरीज की आवाज को बचाने सहित कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

दिल्ली के अस्पताल में एक व्यक्ति की थाइरॉयड ग्रंथि से निकाला गया “नारियल के आकार” का ट्यूमर
Representational Image Wikimedia Commons

नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर : दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बिहार के 72 वर्षीय किसान की थाइरॉयड ग्रंथि से “नारियल के आकार” का ट्यूमर निकाला गया. डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें इस सर्जरी में मरीज की आवाज को बचाने सहित कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. अस्पताल ने एक बयान में कहा कि बिहार के बेगुसराय जिले के रहने वाले व्यक्ति को बीते छह महीने से सांस लेने और भोजन निगलने में दिक्कत हो रही थी. दिक्कत काफी हद तक बढ़ गई थी, जिसके बाद उसे पिछले महीने यहां सर गंगाराम अस्पताल में ‘ईएनटी एवं हेड, नेक ओन्को सर्जरी’ विभाग में लाया गया.

अस्पताल में ‘हेड, नेक ओन्को सर्जरी’ विभाग में सलाहकार डॉक्टर संगीता अग्रवाल के अनुसार, “पिछले कई वर्षों की प्रैक्टिस के दौरान, मैंने बड़े थायरॉइड ट्यूमर के 250 से अधिक ऑपरेशन किए हैं. लेकिन वजन और आकार के मामले में यह एक अनूठा मामला था, जिसमें आमतौर पर 10-15 ग्राम वजन और 3-4 सेंटीमीटर आकार वाली तितली के आकार की थाइरॉयड ग्रंथि 18-20 सेंटीमीटर के आकार वाले नारियल से भी बड़ी बन गई थी.”

उन्होंने कहा कि ट्यूमर को हटाते समय सबसे बड़ी चुनौती मरीज की आवाज को बचाना था. उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात रही कि दोनों तरफ की ‘वोकल कॉर्ड’ नसों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया. डॉक्टर ने कहा कि ट्यूमर की वजह से श्वांस नली (विंड पाइप) संकुचित हो गई थी जिसके कारण नयी तकनीक से ऑपरेशन किया गया. यह भी पढ़ें : दिल्ली के बदरपुर में युवक की चाकू मारकर हत्या, 4 गिरफ्तार

उन्होंने कहा, “इस तरह के बड़े ट्यूमर में कैल्शियम बचाना और पैराथाइरॉयड ग्लैंड्स को बरकरार रखना भी एक बड़ी चुनौती होती है. हम सभी पैराथाइरॉयड ग्लैंड्स को बचाने में कामयाब रहे.” थायरॉयड ग्रंथि तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है, जो गर्दन के निचले हिस्से पर स्थित होती है. ‘‘एडम्स एप्पल’’ भी कहलाने वाली यह ग्रंथि ‘मेटाबॉलिज्म’ यानी चयापचय को नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन का स्त्राव करती है. अस्पताल ने बताया कि इस सर्जरी में लगभग तीन घंटे का समय लगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2022 10:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).