CNG Price Hike: दिल्ली-NCR में सीएनजी की कीमतों में फिर लगी आग, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम, ₹81 पार पहुंचा दिल्ली में रेट

दिल्ली-एनसीआर में शनिवार, 23 मई 2026 से सीएनजी (CNG) की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की और बढ़ोतरी कर दी गई है. पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह तीसरी वृद्धि है, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी का भाव बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी से ऑटो, टैक्सी चालकों और आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

सीएनजी के बढ़े दाम (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 23 मई: पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) में बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में सीएनजी (CNG) (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) का सफर भी और महंगा हो गया है. गैस वितरण कंपनियों ने शनिवार सुबह से सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की नई बढ़ोतरी लागू कर दी है. पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब सीएनजी के दामों में संशोधन किया गया है. इस ताज़ा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत पहली बार 81 रुपये के स्तर को पार करते हुए 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. यह भी पढ़ें: Petrol, Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम, जानें दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत प्रमुख शहरों के नए रेट

10 दिनों का टाइमलाइन: ₹4 प्रति किलो महंगी हुई गैस

ईंधन विपणन कंपनियों द्वारा सीएनजी की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा यह बदलाव आम उपभोक्ताओं और कमर्शियल वाहन चालकों के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले दो सप्ताह से कम समय में सीएनजी कुल 4 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है:

दिल्ली-NCR और अन्य प्रमुख शहरों में आज सीएनजी के ताजा दाम (23 मई 2026)

शहर/क्षेत्र (City/Region) सीएनजी की नई कीमत (INR/किग्रा) प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी (INR)
दिल्ली (Delhi) 81.09 +1.00
नोएडा (Noida) 89.70 +1.00
गाजियाबाद (Ghaziabad) 89.70 +1.00
ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) 89.70 +1.00
गुरुग्राम (Gurugram) 86.12 +1.00
अजमेर (Ajmer) 90.44 +1.00

पश्चिम एशिया संकट और मजबूत डॉलर का दोहरा असर

गैस वितरण कंपनियों के अनुसार, सीएनजी की कीमतों में आ रहे इस लगातार उछाल का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा गंभीर भू-राजनीतिक तनाव है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है. भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतें सीधे घरेलू दरों को प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में आई गिरावट (डॉलर की मजबूती) ने भी गैस के आयात को और अधिक महंगा बना दिया है. तेल और गैस विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर एकमुश्त बड़ा बोझ डालने के बजाय छोटे-छोटे चरणों में इस बढ़ी हुई लागत को स्थानांतरित करने का फैसला किया है.

ऑटो-टैक्सी चालकों और आम जनता पर पड़ेगा सीधा प्रभाव

दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चलने वाले लाखों सीएनजी वाहनों—जिनमें मुख्य रूप से ऑटो-रिक्शा, ऐप आधारित कैब (ओला-उबर), काली-पीली टैक्सी और निजी कारें शामिल हैं—के लिए इस ₹4 के संचयी (Cumulative) इजाफे का मतलब मासिक बजट में सीधी बढ़ोतरी है.

औसतन प्रतिदिन 3 किलोग्राम सीएनजी का उपयोग करने वाले एक वाहन चालक को अब 15 मई से पहले की तुलना में हर महीने लगभग 360 रुपये से अधिक खर्च करने होंगे. कैब ऑपरेटर्स और ऑटो यूनियनों का कहना है कि ईंधन के बढ़ते दामों के कारण आने वाले दिनों में विभिन्न रूटों पर किराए में बढ़ोतरी की मांग उठ सकती है, जिससे दैनिक यात्रियों का सफर और महंगा हो जाएगा. राहत की बात केवल यह है कि घरों में पाइप के जरिए पहुंचने वाली रसोई गैस (PNG) की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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