श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के अनंतनाग (Anantnag) जिले में स्थित सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम (Pahalgam) में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को बादल फटने (Cloudburst) के कारण अचानक बाढ़ (Flash Floods) आ गई. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के इस हिस्से में स्थित अवूरा और देहवाथू के वन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर बादल फटा, जिससे पर्वतीय नालों में पानी का स्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया. बाढ़ का तेज बहाव रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों की तरफ मुड़ गया, जिसके कारण कम से कम आधा दर्जन होटलों और कई स्थानीय घरों में पानी भर गया. स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रभावित होटलों में ठहरे पर्यटकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया. यह भी पढ़ें: Wayanad Landslide: वायनाड में भूस्खलन के बाद कल्लाडी टनल साइट पर दोबारा शुरू हुआ बचाव अभियान, मलबे से अब तक 7 शव बरामद; VIDEO
नालों में उफान से कई होटलों के परिसर डूबे
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि अचानक हुई अत्यधिक बारिश की वजह से अवूरा क्षेत्र से होकर बहने वाली एक स्थानीय जलधारा (नाला) में उफान आ गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि वह किनारों को तोड़ते हुए आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गया.
इस घटना में कम से कम 6 होटल सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिनके भूतल (ग्राउंड फ्लोर) और लॉबी परिसरों में बाढ़ का पानी घुस गया. इसके अलावा, दर्जनों स्थानीय मकानों में भी जलभराव (Inundation) की स्थिति पैदा हो गई, जिससे घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है.
पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू; जानमाल का कोई नुकसान नहीं
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला. एहतियाती कदम उठाते हुए जलभराव वाले होटलों में फंसे सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें पहलगाम के सुरक्षित होटलों व सरकारी गेस्ट हाउसों में ठहराया गया है.
राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत (मृत्यु) होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है. प्रशासन ने पुष्टि की है कि सभी नागरिक और पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं.
पहलगाम में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई
Flash floods & overflowing streams hit Pahalgam following a localised cloudburst & heavy rainfall. Sudden surge of water inundated 6 hotels & residential areas, prompting authorities to safely relocate tourists | Situation now stabilised as rivers flowing below alarm levels | pic.twitter.com/VA9OxCEiGr
— Pradeep Dutta (@deepduttajourno) July 12, 2026
स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में
रविवार सुबह तक मिली ताजा जानकारी के अनुसार, जलभराव वाले इलाकों से पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है और स्थिति अब स्थिर बनी हुई है. राहत कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि मुख्य नदियां और संबंधित जलधाराएं वर्तमान में खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं.
स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा की टीमें और पुलिस बल लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं. इसके साथ ही राजस्व विभाग की टीमों को नुकसान के आकलन (Damage Assessment) का काम सौंप दिया गया है ताकि प्रभावितों को नियमानुसार राहत पहुंचाई जा सके.
मानसून में संवेदनशील हैं पर्वतीय क्षेत्र
जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में जारी मानसून सीजन के दौरान पहाड़ी इलाके अचानक होने वाली भारी बारिश के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहते हैं. मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा के मार्ग और पहलगाम के आसपास के संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों के करीब न जाने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है.













QuickLY