मुंबई बारिश पर विधानसभा में तकरार: सीएम फडणवीस का विपक्ष को करारा जवाब; आंकड़ों से समझाया बारिश का रौद्र रूप, पुराने 'नाला सफाई घोटालों' पर कसा तंज
महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में मुंबई और पुणे में हुई भारी बारिश और जलभराव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मौसम के ऐतिहासिक आंकड़े पेश करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और पूर्ववर्ती सरकारों के समय हुए कथित भ्रष्टाचार पर निशाना साधा.
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) के मौजूदा मानसून सत्र (Monsoon Session) में बुधवार, 8 जुलाई 2026 को मुंबई (Mumbai) और पुणे (Pune) में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और जलभराव के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीतिक घमासान देखने को मिला. पिछले चार दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण मुंबई में पेड़ गिरने से हुई मौतें और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट पर हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) को लेकर विपक्ष ने महायुति सरकार को घेरा था. इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में मौसम विभाग के ठोस आंकड़े पेश किए और विपक्ष के हमलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का अंत एक प्रसिद्ध उर्दू शेर से किया और विपक्ष को आईना दिखाया. यह भी पढ़ें: Mumbai Flood: बॉम्बे हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी- 'सिर्फ BMC को दोष देना बंद करें, जलभराव हमारी अपनी गलतियों का नतीजा'
मात्र 6 दिनों में बरसा पूरे महीने का 100 फीसदी पानी
विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस बार की बारिश सामान्य नहीं बल्कि अप्रत्याशित (अनप्रिसिडेंटेड) थी, जिसने शहर के ड्रेनेज सिस्टम पर भारी दबाव डाला। सीएम ने मौसम के आंकड़े पेश करते हुए कहा:
"अगर हम 6 जुलाई तक के डेटा को देखें, तो कोलाबा में पूरे जुलाई महीने में सामान्यतः 734 मिमी और सांताक्रूज़ में 856 मिमी बारिश होती है. लेकिन इस साल महज छह दिनों के भीतर कोलाबा में 882 मिमी (मासिक औसत का 111 प्रतिशत) और सांताक्रूज़ में 988 मिमी (मासिक औसत का 102 प्रतिशत) बारिश रिकॉर्ड की गई है."
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस भारी बारिश का 90 प्रतिशत हिस्सा केवल चार दिनों के भीतर गिरा. उन्होंने कहा कि मुंबई में पूरे मानसून सीजन में औसतन 2,318 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार कुल कोटे की 42 प्रतिशत बारिश शहर पर केवल छह दिनों में बरस गई.
जल निकासी के लिए तैनात किए गए 990 वाटर पंप
बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि जलभराव से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. उन्होंने कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC), मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) और रेलवे (पश्चिम व मध्य) द्वारा संयुक्त रूप से पूरे शहर में 990 हाई-पावर वाटर पंप तैनात किए गए हैं. इसके अलावा, जमा हुए पानी को समुद्र में फेंकने के लिए 6 मुख्य और 10 छोटे पंपिंग स्टेशन चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. सीएम ने यह भी जानकारी दी कि खतरनाक और पुराने पेड़ों के अनिवार्य ऑडिट के लिए बीएमसी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
पुराने घोटालों पर तंज: 'स्कूटर और ऑटो के नंबर पर साफ हुए नाले'
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पारदर्शिता का दावा करते हुए पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे और कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुए कथित 'नाला सफाई घोटालों' पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, "इस साल मानसून से पहले 80 प्रतिशत गाद निकालने (डीसिल्टिंग) का काम समय पर पूरा किया गया और मीठी नदी से 83 प्रतिशत कचरा साफ किया गया. हम सभी को अतीत के वे बदनाम नाला सफाई घोटाले याद हैं, जब गाद ढोने वाले वाहनों की जांच की गई तो उनके रजिस्ट्रेशन नंबर स्कूटर, ऑटो-रिक्शा और लग्जरी कारों के निकले थे। फर्जी दावों और भ्रष्टाचार के वे दिन अब खत्म हो चुके हैं."
एक्सप्रेसवे लैंडस्लाइड पर विपक्ष को घेरा
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए विस्तारित हिस्से पर हुए भूस्खलन को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने महायुति सरकार के मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का पुरजोर बचाव किया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग प्रोजेक्ट के सफलतापूर्वक शुरू होने के बाद भी टेलीविजन पर खुलेआम झूठ बोल रहे हैं. 'कनेक्टिंग/मिसिंग लिंक' परियोजना एक ऐतिहासिक और बेहद जटिल इंजीनियरिंग कार्य है, जिसे पूरा करने का राजनीतिक साहस केवल मौजूदा महायुति सरकार ने दिखाया है.
उर्दू शायरी से किया विरोधियों को शांत
अपने आक्रामक भाषण के अंत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष की जोखिम न लेने वाली और केवल आलोचना करने वाली राजनीति पर प्रहार करने के लिए एक मशहूर उर्दू कसीदा (शेर) पढ़ा:
"गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में, वो तिफ़्ल क्या गिरे जो घुटनों के बल चले..."
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कड़े और बड़े फैसले लिए, इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया और उस प्रोजेक्ट को हकीकत में बदला जिसे लोग असंभव मानते थे. जो लोग कभी चलने की कोशिश ही नहीं करते, वे कभी गिरते भी नहीं हैं—और ऐसे लोगों के पास अंत में सिर्फ आलोचना करने के अलावा कोई काम नहीं बचता है. मुख्यमंत्री के इस तीखे और शेरो-शायरी से भरे जवाब के बाद विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसर गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2026 06:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

