नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारी छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद आंदोलन और तेज हो गया है. बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.
रांका ने कहा कि वर्तमान आंदोलन को समाप्त करने के लिए उनकी प्राथमिक शर्त यह है कि सरकार आधिकारिक रूप से यह आश्वासन दे कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ भविष्य में कोई एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. यह भी पढ़ें: Delhi Police On Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर पथराव और पुलिस कार्रवाई के दावों को दिल्ली पुलिस ने किया खारिज; बताया 'झूठा और भ्रामक'
'20 जुलाई का मार्च सिर्फ ट्रेलर था'
वर्तमान आंदोलन को आजादी के बाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा युवा आंदोलन करार देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई को निकाला गया 'संसद चलो' मार्च केवल एक ट्रेलर था. उन्होंने चेतावनी दी:
"अगर सरकार समय रहते मांगों का समाधान नहीं करती है और अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटती है, तो आने वाले दिनों में देश के कोने-कोने से लाखों युवा नई दिल्ली की ओर कूच करेंगे. इस बार युवा चुप बैठने वाले नहीं हैं."
प्रदर्शनकारियों द्वारा हिंसा फैलाने के आरोपों को खारिज करते हुए रांका ने दोहराया कि उनका आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के अहिंसक सिद्धांतों पर आधारित है. उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान अराजकता केवल तब शुरू हुई जब पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया और बल प्रयोग किया.
'अगर सरकार नहीं मानी तो लाखों लोग दिल्ली आएंगे'
#WATCH | Delhi | Cockroach Janta Party (CJP) National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "This is the biggest movement in India's post-independence history...We have said this very clearly, what happened on 20th was a trailer. If the Govt doesn't agree, millions more will come to… pic.twitter.com/YwBpgeGkXc
— ANI (@ANI) July 22, 2026
'UAPA या NSA से नहीं डरते नेतृत्वकर्ता'
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा तय की गई मुख्य मांगों पर बात करते हुए रांका ने जोर देकर कहा कि संगठन का नेतृत्व कठोर कानूनों के तहत होने वाली संभावित गिरफ्तारियों या पुलिस की दंडात्मक कार्रवाइयों से डरने वाला नहीं है.
उन्होंने कहा, "हम गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसे कड़े कानूनों के तहत जेल जाने के लिए पहले दिन से तैयार हैं.देश के युवाओं के भविष्य के लिए जेल जाना बहुत छोटी कीमत है."
राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील
आशुतोष रांका ने इस आंदोलन को किसी एक दल का न बताते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और सांसदों से इस आंदोलन का समर्थन करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जो भी नेताओं या दलों के प्रतिनिधि छात्रों की जायज मांगों का समर्थन करना चाहते हैं, उनका स्वागत है.
गौरतलब है कि देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली की घटनाओं के विरोध में सीजेपी के बैनर तले पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी है. केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई कई दौर की वार्ता के बावजूद अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है.













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