UP में अब मिशन वन ट्रिलियन डॉलर के हिसाब से विकसित होंगे शहर
उत्तर प्रदेश में अब मिशन वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए शहरों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा. शहरों में स्टार्टअप, निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा और रोजगार सृजन की दिशा में काम किया जाएगा.
लखनऊ, 13 अगस्त : उत्तर प्रदेश में अब मिशन वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए शहरों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा. शहरों में स्टार्टअप, निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा और रोजगार सृजन की दिशा में काम किया जाएगा. नए शहरों का विकास और राजमार्गो का नेटवर्क भी ठीक किया जाएगा. इससे मूलभूत सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी. इस बाबत हाल ही में नगर विकास विभाग ने मुख्यमंत्री योगी के सामने प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया था, जिस पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कार्य शुरू कर दिया गया है. नगर विकास विभाग की योजना के मुताबिक नगर विकास के कार्यो के लिए पीएम गतिशक्ति मॉडल का प्रयोग किया जाएगा. फिलहाल, गति शक्ति का क्रियान्वयन अमृत परियोजनाओं में किया जा रहा है. नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन की संस्तुति पर राज्य डाटा सोसाइटी बनाई जा रही है.
नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 16 नगर निगमों में जीआईएस सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है, जिससे गृहकर में दोगुनी वृद्धि इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक सम्भावित है. विभिन्न प्रकार के यूजर चार्जेस को युक्ति संगत बनाने पर भी कार्य किया जा रहा है. लखनऊ में 200 करोड़ और गाजियाबाद में 150 करोड़ के म्युनिसिपल बांड जारी किए गए हैं. इस धनराशि का उपयोग आवासीय काम्पलेक्स और एसटीपी निर्माण में किया जा रहा है, जिससे भविष्य में राजस्व प्राप्ति भी होगी. इसी तर्ज पर जल्द दूसरे शहरों के भी म्युनिसिपल बांड जारी होंगे. छोटे स्थानीय निकायों में रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वित्त एजेंसियों की भागीदारी की जाएगी और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन का गठन किया जाएगा. यह भी पढ़ें : आजादी के अमृत महोत्सव पर गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर पत्नी संग फहराया तिरंगा
सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, इस समय 25 प्रतिशत स्थानीय निकायों का अपना मास्टर प्लान है. अमृत योजना के तहत 141 शहरों के मास्टर प्लान स्वीकृत हो चुके हैं और 270 शहरों का ड्राफ्ट तैयार है. आनलाइन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम के माध्यम से भवन स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं. वाराणसी में अस्सी घाट का लोकल एरिया प्लान तैयार किया गया है. ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पर भी नीति अंतिम चरण में है.
वन सिटी, वन आपरेटर के माध्यम से सीवरेज सिस्टम और एसटीपी के रखरखाव और प्रबंधन के लिए 13 शहरों में 20 एसटीपी पर कार्य चल रहा है. आकांक्षात्मक जिलों की तर्ज पर 100 आकांक्षात्मक शहरों का चयन किया जा रहा है और उसी आधार पर उन शहरों का विकास किया जाएगा. हाल ही में ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में सम्मिलित हुए शहरों के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नव सृजन योजना की शुरुआत हो चुकी है.
नगर विकास के क्षेत्र में सुझाए गए तीनों आयामों म्युनिसिपल वित्त, नगर नियोजन, प्रशासनिक संरचना और नागरिक केंद्रित प्रशासन के क्षेत्र में प्रदेश में प्रभावी रूप से कार्य किया जा रहा है. इस प्रकार उत्तर प्रदेश का लक्ष्य निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन के माध्यम से शहरों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करते हुए ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही आवास, स्लम, जलापूर्ति, सॉलिड वेस्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता, प्रदूषण, आजिविका और सार्वजनिक यातायात की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 13, 2022 12:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

