Polymer Banknotes: 10 और 20 रुपये के 1-1 अरब प्लास्टिक/पॉलिमर नोटों के ट्रायल को केंद्र सरकार की मंजूरी; जानें आरबीआई की योजना

केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के एक-एक अरब पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को हरी झंडी दे दी है. जानिए संसद में वित्त मंत्री द्वारा दी गई जानकारी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में 10 रुपये और 20 रुपये के 1-1 अरब (एक बिलियन) पॉलिमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों को प्रायोगिक परीक्षण (Field Trial) के तौर पर जारी करने की मंजूरी दे दी है. वित्त मंत्री ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से संसद को इस निर्णय की जानकारी दी.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे अब औपचारिक स्वीकृति मिल गई है. यह भी पढ़ें: Polymer Currency Notes: RBI कब लॉन्च करेगा पॉलीमर करेंसी नोट? गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताई टाइमलाइन

कागज के नोटों के साथ जारी होंगे पॉलिमर नोट

संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, इन नए पॉलिमर बैंक नोटों को पारंपरिक कागज आधारित नोटों के साथ-साथ बाजार में चलन में लाया जाएगा.

फील्ड ट्रायल का मुख्य उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में इन नोटों की टिकाऊपन, सुरक्षा सुविधाओं और उपयोगिता का आकलन करना है. यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में 10 और 20 रुपये के नोटों को नियमित रूप से पॉलिमर सब्सट्रेट पर जारी करने की योजना है.

10 और 20 रुपये के प्लास्टिक/पॉलिमर नोटों को प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर जारी करने की मंजूरी 

खरीद प्रक्रिया शुरुआती चरण में

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आरबीआई द्वारा इन नोटों की खरीद (Procurement) प्रक्रिया शुरुआती चरण में है.

प्रक्रिया प्राथमिक स्तर पर होने के कारण अभी इस बात का सटीक समय सीमा तय करना संभव नहीं है कि पॉलिमर नोट कब तक आम जनता के हाथों में आएंगे और इस पूरी परियोजना पर कितना खर्च आएगा.

क्यों पड़ी पॉलिमर नोटों की आवश्यकता?

छोटे मूल्यवर्ग के कागज वाले नोट (विशेषकर 10 और 20 रुपये) बहुत तेजी से खराब, गंदे या फटने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। इस वजह से केंद्रीय बैंक को बार-बार नए नोट छापने पड़ते हैं.

पॉलिमर (प्लास्टिक) आधारित नोट कागज के नोटों की तुलना में काफी अधिक टिकाऊ होते हैं. ये नोट पानी, धूल और नमी से आसानी से खराब नहीं होते, जिससे उनका जीवनकाल (Life span) लंबा होता है. साथ ही, इनमें जाली नोटों (Counterfeiting) से निपटने के लिए आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं जोड़ना अधिक आसान होता है.

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