CBSE Row: राहुल गांधी ने छात्र वेदांत से की बातचीत, ‘एंटी-नेशनल’ कहे जाने पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मेरे साथी 'एंटी-नेशनल सोरोस एजेंट्स' के साथ एक दिलचस्प बातचीत. वेदांत और उसके दोस्त प्रतिभाशाली और साहसी युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से सिर्फ कुछ सरल सवाल पूछे, लेकिन जवाब की जगह उन्हें अपमान झेलना पड़ा. वे एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें वह मिले."
CBSE Row: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को सीबीएसई और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर अपना हमला जारी रखते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया. इस वीडियो में कक्षा 12 के छात्र वेदांत और अन्य विद्यार्थी शामिल थे, जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने में आई समस्याओं को लेकर शिकायत की थी. CBSE ने 'ओनमार्क पोर्टल' की सुरक्षा के लिए तैनात की IIT और सरकारी साइबर विशेषज्ञों की टीम, जाने पूरा विवाद
राहुल गांधी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मेरे साथी 'एंटी-नेशनल सोरोस एजेंट्स' के साथ एक दिलचस्प बातचीत. वेदांत और उसके दोस्त प्रतिभाशाली और साहसी युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से सिर्फ कुछ सरल सवाल पूछे, लेकिन जवाब की जगह उन्हें अपमान झेलना पड़ा. वे एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें वह मिले."
उन्होंने उन सोशल मीडिया यूजर्स पर भी निशाना साधा, जिन्होंने सीबीएसई की व्यवस्था में खामियों को उजागर करने वाले छात्रों को 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया था.
राहुल गांधी ने वेदांत की उत्तर पुस्तिका का भी बारीकी से अवलोकन किया. इससे पहले सीबीएसई ने गलती से उसे किसी अन्य छात्र की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका भेज दी थी. बाद में बोर्ड ने अपनी गलती सुधारते हुए वेदांत को उसकी वास्तविक उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई.
वेदांत ने 19 मई को फिजिक्स में अपेक्षा से कम अंक मिलने के बाद उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था. चार दिन बाद उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि सीबीएसई द्वारा भेजी गई उत्तर पुस्तिका उसकी लिखावट से मेल नहीं खाती और स्पष्ट रूप से किसी अन्य छात्र की थी.
वेदांत ने अपनी पोस्ट में लिखा था, "मैं सीबीएसई कक्षा 12 का छात्र हूं. फिजिक्स में उम्मीद से कम अंक मिलने के बाद हमने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां मांगी थीं. आज हमें प्रतियां मिलीं, लेकिन मैं बेहद परेशान हूं क्योंकि अपलोड की गई फिजिक्स उत्तर पुस्तिका मेरी नहीं है."
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और इसे 35 लाख से अधिक बार देखा गया, जबकि 48 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे पसंद किया. इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में व्यापक नाराजगी देखने को मिली.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई ने इसे "सर्वोच्च प्राथमिकता" पर लेने की घोषणा की और जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की.
25 मई को सीबीएसई ने वेदांत को उसकी सही फिजिक्स उत्तर पुस्तिका ईमेल के जरिए भेजी और पुष्टि की कि पुनर्मूल्यांकन के बाद उसके परिणाम में आवश्यक संशोधन किया जाएगा. बोर्ड ने उसके परिवार से संपर्क कर आश्वासन दिया कि गलती को ठीक किया जाएगा और अंक अपडेट किए जाएंगे.
इस वर्ष सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की है, जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर ऑनलाइन जांचा जाता है. हालांकि, इसके बाद कई छात्रों ने शिकायत की कि प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर JEE में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं.
इसके अलावा पोर्टल पर तकनीकी खामियों की शिकायतें भी सामने आईं, जिनमें उत्तर पुस्तिका की प्रतियां प्राप्त करने के शुल्क में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं शामिल थीं.
सीबीएसई ने स्वीकार किया है कि उसके पोर्टल में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए IIT मद्रास और IIT कानपुर के विशेषज्ञों की मदद ली गई. वहीं, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से जुड़ी समस्याओं को भारतीय स्टेट बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सहयोग से ठीक कर लिया गया है.
सीबीएसई ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि पोस्ट-रिजल्ट एक्टिविटीज पोर्टल अब 1 जून से संचालित होगा. इसके शुरू होने के बाद कक्षा 12 के छात्र उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अंकों के पुनर्गणना (री-टोटलिंग) के लिए 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा, जबकि प्रत्येक प्रश्न की दोबारा जांच (री-चेकिंग) के लिए 25 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है.