BRICS Summit: दिल्ली में दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल समापन, PM मोदी ने शामिल नेताओं का दिल से जताया आभार; VIDEO
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सदस्य देशों के नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए ब्रिक्स को समस्याओं के समाधान का एक मजबूत इकोसिस्टम बताया.
BRICS Summit: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया. सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर से आए राष्ट्रध्यक्षों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि दो दिनों की चर्चाओं ने ब्रिक्स के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है. यह संगठन वैश्विक चुनौतियों से निपटने और समाधान निकालने का एक प्रमुख इकोसिस्टम बनकर उभरा है.
ब्रिक्स तीसरे दशक में कर रहा प्रवेश
समारोह के समापन भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स संगठन अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य देश साझा प्रयासों के जरिए दुनिया की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. यह भी पढ़े: PM Modi BRICS Summit 2026: पीएम नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के साथ साझा किए गर्मजोशी भरे पल, भारत मंडपम में शुरू हुआ 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल समापन
पीएम मोदी ने कहा, "18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन पर मैं आप सभी की सहभागिता और मूल्यवान योगदान के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं. आप सभी की मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती योग्यता का प्रमाण है."
सर्वसम्मति से स्वीकार हुआ 'नई दिल्ली घोषणापत्र'
12 और 13 सितंबर को आयोजित इस शिखर सम्मेलन के दौरान 'नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' को सभी सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया.
इस घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance), बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने, बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों में सुधार और वैश्विक संघर्षों को कूटनीति के माध्यम से सुलझाने पर विशेष जोर दिया गया है.
ग्लोबल साउथ और भविष्य की दिशा
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस 18वें शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability) रहा.
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित उपयोग और आपदा प्रबंधन के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पेश किए.