Bombay HC on Vijay Mallya: सोशल मीडिया पर अदालती दस्तावेज पोस्ट करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त; विजय माल्या को दी कड़ी चेतावनी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को सुनवाई के दौरान अदालती दस्तावेज सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत को बताया कि माल्या ने जांच एजेंसी द्वारा दाखिल हलफनामे को अदालत के संज्ञान में आने से पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपलोड कर दिया था.

Vijay Mallya (Photo Credit: PTI/File Image)

मुंबई: बैंकों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज धोखाधड़ी मामले में ब्रिटेन में रह रहे भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को बॉम्बे हाईकोर्ट से कड़ी फटकार लगी है. Livemint की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने माल्या को मामले की अदालती कार्यवाही लंबित रहने के दौरान केस से जुड़े दस्तावेजों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचने की सख्त चेतावनी दी है.

न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव ने कहा कि अदालत में विचाराधीन दस्तावेजों को सोशल मीडिया पर डालकर समानांतर विमर्श खड़ा करना न्यायपालिका की प्रभावशीलता को कमजोर करता है और यह किसी भी सूरत में उचित आचरण नहीं है.

ED के हलफनामे को 'X' पर पोस्ट करने पर एजेंसी ने जताई आपत्ति

Bar and Bench की रिपोर्ट के अनुसार, यह चेतावनी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकील आशीष मेहता द्वारा अदालत के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने के बाद आई:

भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने को दी है चुनौती

बॉम्बे हाईकोर्ट माल्या द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है:

ED का रुख: कर्ज वसूली से खत्म नहीं होता मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध

जांच एजेंसी ने माल्या की याचिका का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल बकाये की वसूली हो जाने से मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आपराधिक आरोपों से मुक्ति नहीं मिल सकती:

भारत लौटने में असमर्थता पर अदालत के कड़े सवाल

पूर्व की सुनवाई में जब माल्या की ओर से कहा गया था कि वह ब्रिटेन की अदालतों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण भारत लौटने की निश्चित तारीख नहीं बता सकते, तो हाईकोर्ट ने उनके इरादे पर सवाल उठाए थे:

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