Black Magic for Bail? Chhattisgarh हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की फोटो के साथ श्मशान में तांत्रिक अनुष्ठान, रिश्तेदार की जमानत दिलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, देवरी गांव के श्मशान घाट में देर रात चार लोगों को संदिग्ध गतिविधियां करते देख ग्रामीणों को शक हुआ. ग्रामीणों ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन तीन लोग भाग निकले. वहीं ऋषिकेश कुमार नामक व्यक्ति को पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया. मौके से पुलिस ने मछली, नींबू, सिंदूर और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा समेत तीन लोगों की तस्वीरें बरामद की हैं.
Bilaspur, August 9: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति पर अपने रिश्तेदार की जमानत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की तस्वीर के साथ कथित तौर पर तांत्रिक अनुष्ठान करने का आरोप लगा है. पुलिस ने शनिवार, 8 अगस्त को इस मामले में एक व्यक्ति से पूछताछ की. यह कथित अनुष्ठान देवरी गांव के श्मशान घाट में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को किया गया था. ग्रामीणों ने चार लोगों को संदिग्ध गतिविधियां करते देखा, जिसके बाद तीन लोग मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया.
श्मशान घाट में क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, देवरी गांव के श्मशान घाट में देर रात चार लोगों को संदिग्ध गतिविधियां करते देख ग्रामीणों को शक हुआ. ग्रामीणों ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन तीन लोग भाग निकले. वहीं ऋषिकेश कुमार नामक व्यक्ति को पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया. मौके से पुलिस ने मछली, नींबू, सिंदूर और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा समेत तीन लोगों की तस्वीरें बरामद की हैं.
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर के साथ व्यक्ति ने रिश्तेदारों की ज़मानत के लिए तांत्रिक अनुष्ठान किया:
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की फोटो रखकर श्मशानघाट में तंत्र साधना!
बिलासपुर के देवरी श्मशानघाट में जमानत के लिए देर रात कथित तांत्रिक क्रिया करते चार लोग दिखे.ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया.#Bilaspur #Chhattisgarh pic.twitter.com/V80BsvEsbZ
— 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚 𝐏𝐫𝐚𝐤𝐚𝐬𝐡 𝐒𝐮𝐫𝐲𝐚𝐤𝐚𝐧𝐭 (@SPsuryakant) August 9, 2026
जमानत के लिए तांत्रिक अनुष्ठान का आरोप
पूछताछ के दौरान ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं अभी अदालत में लंबित हैं. पुलिस के अनुसार, कुमार ने बताया कि उसने और उसके तीन दोस्तों ने सोशल मीडिया पर एक कथित तांत्रिक का वीडियो देखने के बाद यह अनुष्ठान किया, जिसमें दावा किया गया था कि ऐसा करने से जमानत मिलने में मदद मिल सकती है.
मुख्य न्यायाधीश, आरोपी और पीड़ित की तस्वीरें मिलीं
पुलिस ने बताया कि बरामद तस्वीरों में एक फोटो मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की थी. दूसरी तस्वीर चाकूबाजी मामले के आरोपी प्रियांशु बोले की और तीसरी तस्वीर उसी मामले के पीड़ित की थी. इन तस्वीरों की बरामदगी पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गई है.
पुलिस क्या बोली?
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है और इस तरह की अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि "किसी भी तांत्रिक अनुष्ठान से जमानत नहीं मिल सकती. अपराधियों को ऐसे तरीकों के बजाय खुद को सुधारना चाहिए." पुलिस फरार तीन अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2026 06:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

