SC-ST एक्ट में संशोधन के खिलाफ BJP नेता का इस्तीफा
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुनाए गए फैसले को संसद में एक विधेयक के जरिए बदले जाने को लेकर विरोध जारी है. मध्य प्रदेश टीकमगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी के निवाड़ी मंडल के सह मीडिया प्रभारी बृजेंद्र तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
भोपाल: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुनाए गए फैसले को संसद में एक विधेयक के जरिए बदले जाने को लेकर विरोध जारी है. मध्य प्रदेश टीकमगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी के निवाड़ी मंडल के सह मीडिया प्रभारी बृजेंद्र तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
तिवारी द्वारा पार्टी नेतृत्व को लिखे गए इस्तीफे में कहा गया है कि सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए और तत्कालीन समय में सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट पर लिए गए निर्णय से देश के आंतरिक सुरक्षा और भाईचारे के लिए सही निर्णय नहीं है.
तिवारी का मानना है कि केंद्र सरकार का यह निर्णय न्यायपालिका का अपमान और सामाजिक समरसता का विखंडन करने वाला है. लिहाजा, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. SC/ST कानून संशोधन विधेयक को राज्यसभा से भी मिली हरी झंडी
लोकसभा में गत 6 अगस्त को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018 पारित किया. इस संशोधन के जरिए सर्वोच्च न्यायालय का वह आदेश निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके तहत एससी/एसटी अत्याचार निवारण के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी.
केंद्र सरकार ने इस अधिनियम के तहत अब 47 अपराधों को शामिल किया गया है, जबकि पहले इसमें सिर्फ 22 अपराधों को शामिल किया गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2018 06:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

