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कांग्रेस ने BJP पर लगाया 'रामद्रोह' का आरोप, कहा- अयोध्या में राम के नाम पर संपत्ति एकत्रित कर रहे भाजपाई

कांग्रेस ने बीजेपी पर भगवान राम के नाम पर अयोध्या में जमीनों की खरीद बिक्री में धोखेबाजी करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा ये साफ है कि भाजपा के नेता अब 'रामद्रोह' कर रहे हैं

कांग्रेस ने BJP पर लगाया 'रामद्रोह' का आरोप, कहा- अयोध्या में राम के नाम पर संपत्ति एकत्रित कर रहे भाजपाई
अयोध्या (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: कांग्रेस (Congress) ने बीजेपी (BJP) पर भगवान राम के नाम पर अयोध्या (Ayodhya)  में जमीनों की खरीद बिक्री में धोखेबाजी करने का आरोप लगाया है.  पार्टी ने कहा ये साफ है कि भाजपा के नेता अब 'रामद्रोह' कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, आज इस देश में भगवान राम के नाम पर जो भाजपाई लूट चल रही है। जो भगवान को धोखा दे रहे हैं, वो इंसान को क्या छोड़ेंगे. "भगवान राम के अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर के नाम पर चंदे की लूट और अब भगवान राम की अयोध्या नगरी में भाजपाइयों द्वारा संपत्ति एकत्रित करने की लूट। ये साफ है कि भाजपा के नेता अब रामद्रोह कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "भाजपा नेताओं द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को महंगी जमीनें बेच कर करोड़ों का मुनाफा कमाया गया. चंदे में हेरा-फेरी की गई। हमने देखा किस प्रकार से 5 मिनट में दो करोड़ रुपए की जमीन 18 करोड़ में राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दी गई और चंदे की चोरी कर ली गई. जिसे करोड़ों भारतीयों ने आस्था के प्रति भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए दिया था. यह भी पढ़े: अयोध्या में भाजपा नेताओं ने ‘जमीन की लूट’ की, प्रधानमंत्री जवाब दें और जांच कराएं: कांग्रेस

सुरजेवाला ने दावा किया कि 20 लाख की जमीन ढाई करोड़ में राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दी गई. साढ़े बारह सौ प्रतिशत मुनाफा मात्र 79 दिन में कमा लिया गया। जो जमीन 4 हजार रुपए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कलेक्टर रेट पर रखी है, उसे राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट को 28,000 रुपए वर्ग मीटर के कलेक्टर रेट पर बेच डाला गया.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते कहा, "राम मंदिर ट्रस्ट को न केवल निजी संपत्ति बल्कि सरकारी संपत्ति को निजी लोगों द्वारा बेच दिया गया और पैसा अर्जित कर लिया गया। और अब राम मंदिर अयोध्या नगरी में मंदिर के चारों तरफ भाजपा के विधायकों, भाजपा के मेयर, भाजपा के आयोग के सदस्यों, भाजपा के इनफॉर्मेशन कमिश्नर और आदित्यनाथ सरकार के आला अफसरों द्वारा संपत्तियों को औने-पौने दामों पर अर्जित कर ली गई है.

उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के वेद प्रकाश गुप्ता, एमएलए-अयोध्या, उनके भतीजे तरुण मित्तल द्वारा 20 हजार 34 स्क्वेयर मीटर जमीन 21 नवंबर, 2019 और 29 दिसंबर, 2020 को खरीदी गई. "इसी तरह इंद्र प्रताप तिवारी, भाजपा एमएलए, गोसाईगंज अयोध्या ने 2,593 स्क्वेयर मीटर जमीन 19 नवंबर, 2019 को खरीदी और उसके बाद इनके ब्रदर इन लॉ के द्वारा 6,320 स्क्वेयर मीटर जमीन 16 मार्च, 2021 को खरीदी गई.

"भाजपा नेता और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, जिनके साले के द्वारा दो करोड़ की जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को 5 मिनट में 18 करोड़ में बेची गई थी। उन्हीं के द्वारा 1,480 स्क्वेयर मीटर जमीन 18 सितंबर, 2019 को खरीदी गई. "इसके साथ ही बलराम मौर्य, भाजपा नेता और यूपी ओबीसी कमीशन के सदस्य ने 9,375 स्क्वेयर मीटर जमीन 28 फरवरी, 2020 को राम मंदिर की पेरीफ्री में खरीद ली. "हर्षवर्धन शाही, जिसे योगी सरकार के दौरान इंफॉर्मेशन कमिश्नर लगाया है, लगभग 1,000 स्क्वेयर मीटर जमीन उनके और उनकी धर्मपत्नी के द्वारा 18 नवंबर, 2021 को मंदिर के साथ खरीद ली गई.

"एमपी अग्रवाल, डिविजनल कमिश्नर अयोध्या। पुरुषोत्तम दास गुप्ता, चीफ रेवेन्यू कमिश्नर अयोध्या, दीपक कुमार, डीआईजी अयोध्या और कई अन्य अधिकारियों द्वारा राम मंदिर के चारों तरफ वाली जमीन सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आते ही खरीद ली गई. सुरजेवाला ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी के करीबी महेश योगी ने महर्षि रामायण विद्या पीठ ट्रस्ट के नाम से पहले 21 बीघा जमीन, जिसकी कीमत, साढ़े 9 करोड़ रुपए है, 25 लाख में ट्रस्ट के नाम करवा ली और फिर उसे भी अधिकारियों को बेच दिया गया। हम सबको मालूम है कि दलितों को आवंटित की गई जमीन सामान्य वर्ग का कोई व्यक्ति यूपी में नहीं खरीद सकता.

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इस पूरे मामले में मोदी सरकार और बीजेपी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि दो करोड़ की जमीन 18 करोड़ में 5 मिनट में राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दी गई.इस पूरे प्रकरण में विश्वसनीयता दांव पर लगी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2021 09:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).