बिहार: पहले सामूहिक दुष्कर्म, फिर पंचायत ने पीड़िता का सिर मुंड़वाकर गांव में घुमाया, 3 गिरफ्तार
बिहार के गया जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के बाद जब उसकी मां न्याय मांगने पंचायत में पहुंची तो पीड़िता को ही दोषी करार कर उसके सिर के बाल मुंड़वाकर उसे गांव में घुमाया गया. इस मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने तुगलकी फरमान सुनाने वाले पंचायत समिति के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.
गया. बिहार के गया जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के बाद जब उसकी मां न्याय मांगने पंचायत में पहुंची तो पीड़िता को ही दोषी करार कर उसके सिर के बाल मुंड़वाकर उसे गांव में घुमाया गया. इस मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने तुगलकी फरमान सुनाने वाले पंचायत समिति के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 14 अगस्त की शाम मोहनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय लड़की अपने घर से बाहर निकली थी कि एक चार पहिया वाहन पर सवार लोगों ने उसे अपने वाहन में बैठा लिया और उसे वहां से कही लेकर चले गए.
आरोप है कि इन सभी छह लोगों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद वे उसे पंचायत भवन की छत पर छोड़कर भाग गए. पीड़िता ने महिला थाने में रविवार को प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गई थी और दूसरे दिन किसी ने पीड़िता को देखा और उसकी सूचना उसके घर वालों को दी. पीड़िता ने एक आरोपी की पहचान कर ली है. यह भी पढ़े-उत्तर प्रदेश: कानपुर में सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी ने की आत्महत्या
पीड़िता की मां का आरोप है कि जब वह अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए 21 अगस्त को पंचायत में हाजिर हुई तब पंचायत के लोगों ने पीड़िता को ही गलत साबित करते हुए उसके सिर के बाल मुंड़वाकर गांव में घुमवाया. पंचायत के लोगों ने पुलिस के पास नहीं जाने की धमकी भी दी थी.
पीड़िता अपने परिजनों के साथ किसी तरह रविवार को पुलिस के पास पहुंची और पूरी बात बताई। गया के महिला थाने की प्रभारी रवि रंजना ने सोमवार को बताया कि पीड़िता के बयान पर सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा पीड़िता को चिकित्सा जांच के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में एक व्यक्ति को नामजद, जबकि अन्य पांच अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
गया के पुलिस अधीक्षक (नगर) मंजीत कुमार ने आईएएनएस को बताया कि पंचायत में उपस्थित लोगों के खिलाफ मोहनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें पंचायत के सदस्यों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
उन्होंने बताया कि इस मामले में सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
इस बीच, मामले को लेकर सियासत शुरू हो गई है. बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसे राज्य सरकार की लापरवाही बताया है. पार्टी नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि पूरी घटना के लिए राज्य सरकार और इसकी मशीनरी जिम्मेदार है. उन्होंने कहा है कि, "जिस पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की बात बिहार में हो रही है, उस वक्त पुलिस कहां थी. जब पंचायत के फैसले के बाद पीड़ित को शर्मसार किया गया. जिसे न्याय मिलना चाहिए था उसे ही दोषी मान लिया गया."
भाई वीरेंद्र ने कहा, "मैं नीतीश कुमार से इशारों-इशारों में इस्तीफे की मांग कर चुका हूं. उनसे बिहार संभल नहीं रहा है."
बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है.
जद(यू) प्रवक्ता राजीव रंजन ने हालांकि भरोसा जताया कि पीड़ित नाबालिग लड़की के साथ इंसाफ होगा और किसी को माफ नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ जो हुआ वह माफी के काबिल नहीं है, लेकिन पीड़ित और पीड़ित परिवार को बिहार सरकार में भरोसा रखना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2019 10:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

