Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ से कई जिलों के करीब 50 लाख लोग प्रभावित, जानें ताजा स्थिति
बाढ़ की वजह से विस्तृत कृषि क्षेत्रों में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं. कृषि विभाग द्वारा प्रभावित जिलों में फसल के नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके.
Bihar Flood Update: बिहार में लगातार बारिश और पड़ोसी राज्यों व नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के 15 जिलों में करीब 49.67 लाख लोग बाढ़ के प्रभाव में आ चुके हैं. गंगा, कोसी, गंडक, पुनपुन और बागमती जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले और तटीय इलाकों में व्यापक जलभराव की स्थिति है.
15 जिलों में फैला बाढ़ का असर
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं. यह भी पढ़े: Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, 15 जिलों के 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत और बचाव कार्य तेज
गंगा नदी का जलस्तर पटना के गांधी घाट और भागलपुर के सुल्तानगंज समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. इसके अलावा वाल्मीकिनगर और वीरपुर बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण मैदानी इलाकों में पानी का प्रसार तेजी से हुआ है.
राहत कार्य और ₹7,000 की वित्तीय सहायता
बाढ़ पीड़ितों को तत्काल सहायता देने के लिए राज्य सरकार ने डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए राहत राशि का हस्तांतरण शुरू किया है. 8.27 लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में प्रति परिवार ₹7,000 की अनुग्रह राशि भेजी जा चुकी है, जिसके तहत ₹579 करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है.
प्रभावित इलाकों में 1,200 से अधिक कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) का संचालन किया जा रहा है. इसके साथ ही विस्थापित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
बचाव अभियानों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 10 और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 27 टीमों को तैनात किया गया है. आवागमन के लिए 1,800 से अधिक सरकारी व निजी नौकाओं को सेवा में लगाया गया है.
केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों ने प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है. प्रशासन द्वारा नदियों के तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है.
फसल नुकसान का आकलन और प्रशासनिक सतर्कता
बाढ़ की वजह से विस्तृत कृषि क्षेत्रों में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं. कृषि विभाग द्वारा प्रभावित जिलों में फसल के नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके.