Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया, पटना में गंगा खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर; 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
जल संसाधन विभाग (WRD) के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) 50.52 मीटर को पार कर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है. राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रहा है.
Bihar Flood News: बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. राज्य के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. बिहार, पड़ोसी राज्यों और नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. पटना, वैशाली, भोजपुर, बेगूसराय और भागलपुर सहित 12 नदी बेसिन जिलों के 10 लाख से अधिक लोग जलभराव और विस्थापन की समस्या से जूझ रहे हैं. Bihar Issues Health Advisory: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार की नदियों में पहुंचे 'अनोखी' मछलियां, सरकार ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी, खाने से किया मना
पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग (WRD) के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 2016 के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) 50.52 मीटर को पार कर 50.58 मीटर तक पहुंच गया है. राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रहा है. पंडारक, हथीदह, मुंगेर और भागलपुर जैसे डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर दर्ज की गई है.
कई नदियां उफान पर
गंगा के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख नदियां जैसे गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा भी कई स्थानों पर उफान पर हैं. इन नदियों का बढ़ता जलस्तर आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ा रहा है.
निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी नदी किनारे बसे गांवों, दियारा क्षेत्रों, खेतों और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में घुस चुका है. वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में मुख्य सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे स्थानीय बाजार और सरकारी कार्यालय भी जलमग्न हो गए हैं.
बेगूसराय और भोजपुर में भी कई घरों के अंदर 2 से 5 फीट तक पानी भर गया है. लोग अपने परिवार, जरूरी सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लेने को मजबूर हैं. वहीं मक्का और हरी सब्जियों की फसलें भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है.
राहत और बचाव अभियान तेज
राज्य सरकार ने 12 नदी बेसिन जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. प्रशासन ने 800 से अधिक मोटरबोट तैनात की हैं, जिनकी मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और तटबंधों की निगरानी की जा रही है.
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई, अस्थायी चिकित्सा शिविर और राहत केंद्र शुरू किए हैं. प्रभावित इलाकों में पॉलीथीन शीट, पानी शुद्ध करने की गोलियां और सूखा राशन वितरित किया जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारों, तटबंधों और जलभराव वाले क्षेत्रों में बिना जरूरत जाने से बचें.
अगले 24 से 48 घंटे अहम
बिहार में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है, क्योंकि नेपाल से आने वाली नदियों में भारी जलप्रवाह और लगातार बारिश का असर राज्य पर पड़ता है. अधिकारियों के अनुसार, इस महीने सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण अगले 24 से 48 घंटों तक गंगा का जलस्तर ऊंचा बना रह सकता है. बक्सर से लेकर भागलपुर तक तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित टूट-फूट को रोका जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2026 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

