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बिहार में बाढ़ का कहर जारी, अब तक 18 लाख से ज्यादा प्रभावित, राहत बचाव युद्ध स्तर पर

बिहार में बारिश का कहर जारी है. जिसकी वजह से अब तक 18 लाख लोग प्रभावित हुए है. प्रभावित इलाकों में अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर जिला शामिल हैं

बिहार में बाढ़ का कहर जारी, अब तक 18 लाख से ज्यादा प्रभावित, राहत बचाव युद्ध स्तर पर
बिहार में बारिश का कहर (Photo Credits- Twitter)

पटना: बिहार के उत्तरी हिस्सों के करीब सभी जिलों में शहर से गांव तक बाढ़ का पानी कहर ढा रहा है. लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं.इस बीच नदियों के जलस्तर में वृद्घि के बाद नए क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है। बिहार के जिन इलाकों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर है, उनमें अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर जिला शामिल हैं. अधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 55 प्रखंड के 352 पंचायत के 18 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इस बीच, नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्घि देखी जा रही है. बिहार जल संसाधन विभाग के प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि बागमती जहां ढेंग, सोनाखान, डूबाधार, कनसार, बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

वहीं कमला बलान नदी जयनगर, झंझारपुर में तथा महानंदा ढेंगराघाट व झावा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इधर, कोसी के जलस्तर में सोमवार को वृद्घि देखी जा रही है। कोसी का जलस्तर वीरपुर बैराज के पास सोमवार को सुबह छह बजे 1.94 लाख क्यूसेक था जो आठ बजे 2.01 लाख क्यूसेक हो गया. गंडक नदी का जलस्तर बाल्मीकिनगर बराज के पास सुबह छह बजे 75.5 हजार क्यूसेक था जो आठ 79.7 हजार क्यूसेक हो गया.इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 19 टीमें लगाई गई हैं. यह भी पढ़े: बिहार में हालात भयावह: भारी बारिश से कमला नदी उफान पर, दरभंगा के कई गांवों में बाढ़

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 152 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिसमें 45 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं. इस बीच, मुजफ्फरपुर जिले में बागमती के उफान से कटरा व औराई में बाढ़ की स्थिति नाजुक बनी है। दो हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पूर्वी चंपारण के नए इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। सुपौल में भी नए क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. सीतामढ़ी के गांवों की स्थिति और बदतर है. सीतामढ़ी के कई गांवों के बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि अभी तक राहत और बचाव कार्य प्रारंभ नहीं किए गए हैं.

शिवहर में भी बाढ़ से हालात खराब हो रहे हैं और कई शहरी इलाकों में भी पानी घुस चुका है। अररिया और किशनगंज में भी बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में फैल रहा है.उल्लेखनीय है कि रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को राहत अैर बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 15, 2019 03:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).