Biggest Cyber Crime Busted: गुजरात में साइबर ठगी का पर्दाफाश; शेयर बाजार में 7 से 11 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर 350 करोड़ की धोखाधड़ी, 14 राज्यों में शिकायतें दर्ज
गुजरात के सूरत शहर के साइबर क्राइम सेल ने एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. साइबर ठग शेयर बाजार में 7 से 11 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठग रहे थे. पुलिस ने सूरत और राजकोट में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
सूरत, 6 जुलाई : गुजरात के सूरत शहर के साइबर क्राइम सेल ने एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. साइबर ठग शेयर बाजार में 7 से 11 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठग रहे थे. पुलिस ने सूरत और राजकोट में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने लोगों के साथ 235 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक लेन-देन और लगभग 100 करोड़ रुपए के 'अंगड़िया' लेन-देन के जरिए ठगी की. इस धोखाधड़ी का दायरा इतना बड़ा है कि देश के 14 राज्यों में इनके बैंक खातों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं. यह भी पढ़ें : PM Modi Brazil Visit: ब्राजील में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रस्तुति रही खास
क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि गिरोह ने 'आईवी ट्रेड (इनोवेटिव ट्रेड)' और 'स्काई ग्रोथ वेल्थ मैनेजमेंट' जैसी फर्जी कंपनियां बनाकर निवेशकों को आकर्षित किया. यह स्कीम मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) पिरामिड मॉडल पर आधारित थी. इसमें निवेशकों को 18 महीने तक निवेश बनाए रखने के लिए मजबूर किया जाता था. नए ग्राहकों को लाने वालों को 'ब्रॉन्ज' (25 हजार डॉलर), 'सिल्वर' (50 हजार डॉलर), 'गोल्ड' (एक लाख डॉलर) और 'प्लेटिनम' (2.5 लाख डॉलर) रैंक के आधार पर बोनस का लालच दिया जाता था.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी रोजिया ने बताया कि पुलिस ने सूरत और राजकोट में छापेमारी कर तीन आरोपी दानिश, जयसुख पटोलिया और यश पटोलिया को गिरफ्तार किया. मुख्य आरोपी दानिश अपने पिता नवीनभाई और भाई दीपेन के साथ यह गिरोह चलाता था. छापेमारी में पुलिस ने 40 लाख रुपए नकद, मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, डायरी, राउटर और चेकबुक सहित कई दस्तावेज जब्त किए.
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जांच में पता चला कि इन खातों के खिलाफ बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, मणिपुर और मध्य प्रदेश में शिकायतें दर्ज हैं. क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि इस स्कीम में 11 हजार से अधिक लोगों ने निवेश किया था. जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मुख्य साजिशकर्ता दुबई भाग गए हैं. पुलिस अब उनकी तलाश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जांच कर रही है. इस मामले ने निवेशकों को सतर्क रहने और आकर्षक रिटर्न के वादों पर सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

