19 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.अमेरिका-ईरान के बीच शुक्रवार को होने वाली बातचीत रद्द, स्विट्जरलैंड ने की पुष्टि

भारत में अस्थायी बैन के खिलाफ टेलीग्राम की याचिका खारिज

फ्रांस के राष्ट्रपति ने हिंदी में दी मोदी को विदाई, बोले “प्रिय मित्र”

इस्राएल ने लेबनान पर फिर किया हवाई हमला, 16 लोगों की हुई मौत

एआई क्षेत्र में कदम रखते ही महिलाओं की सैलरी 145 फीसदी तक बढ़ी: रिपोर्ट

फीफा वर्ल्डकप खेलने वाले पहले सिख खिलाड़ी बने सरप्रीत सिंह

20 और 21 जून को मेडिकल कॉलेज के छात्रों को क्यों नहीं मिलेगी छुट्टी

नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे 20 और 21 जून को उनके यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को छुट्टी न दें. 21 नीट को होने वाली नीट-यूजी परीक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश दिया गया है. हालांकि, विशेष परस्थितियों में छुट्टी दिए जाने की छूट होगी.

18 जून को जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकने और परीक्षा के निष्पक्ष संचालन में मदद करने के लिए यह कदम उठाया गया है. एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों से कहा है कि वे विद्यार्थियों को परीक्षा प्रक्रिया को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकने वाली गतिविधियों में शामिल न होने के लिए जागरूक करें.

नोटिस में कहा गया है, "अतीत में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मेडिकल कॉलेजों के कुछ विद्यार्थी ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए गए, जो परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और अखंडता से समझौता कर सकती थीं." इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 3 मई को हुई नीट-यूजी की परीक्षा से पहले भी ऐसे निर्देश जारी किए गए थे.

जियो के आईपीओ के लिए आज सेबी के पास जमा कराए जाएंगे दस्तावेज

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार, 19 जून को घोषणा की कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने कंपनी के आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को मंजूरी दे दी है. उन्होंने रिलायंस समूह की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में बताया कि मंजूर किए गए दस्तावेज आज यानी 19 जून को सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पास जमा करवा दिए जाएंगे.

जियो का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है. इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ वह प्रक्रिया होती है, जिसमें निजी कंपनियां आम निवेशकों से निवेश हासिल करने के लिए अपने शेयर बेचती हैं. आईपीओ से पहले कंपनी सेबी के पास डीआरएचपी दाखिल करती है. यह दस्तावेज संभावित निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, जोखिम, प्रबंधन और हालिया वित्तीय प्रदर्शन जैसी जानकारी देता है.

मुकेश अंबानी ने यह भी बताया कि उनके बच्चे ईशा, आकाश और अनंत अंबानी इस आईपीओ प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. आकाश अंबानी ने जियो के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जियो के उपभोक्ताओं की संख्या 52 करोड़ के पार चली गई है और कंपनी मजबूती से पहले स्थान पर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि उनके 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ पर पहुंच गई है.

इस्राएली मंत्री बेन ग्विर का विवादित बयान, कहा, "पूरा लेबनान जलना चाहिए"

इस्राएल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने लेबनान के खिलाफ इस्राएल को बेहद आक्रामक होने का आग्रह किया है. उनका यह बयान तब आया जब इस्राएली सेना (आईडीएफ) ने लेबनान में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की जानकारी दी. बेन ग्विर ने एक्स पर पोस्ट किया, "एक इस्राएली मां के हर आंसू के बदले हजार लेबनानी माताओं को रोना होगा. पूरा लेबनान जलना चाहिए!"

यह विवादित बयान लेबनान में इस्राएली हवाई हमलों में 16 लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट के ठीक कुछ घंटे बाद आया है. अमेरिकी प्रशासन जहां इस युद्ध को समाप्त करने की उम्मीद कर रहा है, वहीं इस्राएल हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने और लेबनान में अपनी सेना तैनात रखने पर अड़ा हुआ है.

बेन ग्विर ने शुक्रवार को लिखा, "अमेरिकियों के प्रति पूरे सम्मान के साथ, इस्राएल को पूरी दुनिया के सामने यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि हमारे बेटों के खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा पर कोई सौदा नहीं किया जा सकता है."

लेबनान इस समय तनाव का केंद्र बना हुआ है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बेहद नाजुक दौर में है और इस्राएल पीछे हटने को तैयार नहीं है.

दुनिया के शीर्ष 10 फीसदी उपभोक्ता पहुंचा रहे हैं खरबों डॉलर का नुकसान: स्टडी

एक नए अध्ययन के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 10 प्रतिशत उपभोक्ता हर साल 1.7 ट्रिलियन डॉलर से 5.7 ट्रिलियन डॉलर का पर्यावरणीय नुकसान पहुंचा रहे हैं. अध्ययन के अनुसार, वैश्विक आबादी के ये शीर्ष 10 प्रतिशत उपभोक्ता औसतन प्रति व्यक्ति सालाना 2,300 डॉलर से 7,500 डॉलर का पर्यावरणीय नुकसान पहुंचाते हैं.

यह अध्ययन कम्युनिकेशंस सस्टेनेबिलिटी जर्नल में प्रकाशित हुआ है. अध्ययनकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इस नुकसान में क्षेत्रीय अंतर बहुत बड़ा है. सबसे ज्यादा खर्च करने वाले इन शीर्ष 10 प्रतिशत लोगों में से करीब 60 प्रतिशत अमेरिका और यूरोपीय संघ में रहते हैं, जबकि भारत में केवल 2 प्रतिशत रहते हैं.

अमेरिका में इस श्रेणी का एक व्यक्ति सालाना 19,000 डॉलर से 63,000 डॉलर का नुकसान पहुंचाता है, जिसका औसत लगभग 38,000 डॉलर है. वहीं जर्मनी में यह वार्षिक औसत प्रति व्यक्ति 10,000 डॉलर से थोड़ा कम है, जबकि भारत में यह नुकसान महज 410 डॉलर से 1,400 डॉलर प्रति व्यक्ति है.

इस गणना में पर्यावरण को होने वाले कुल नुकसान का 47 से 56 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर जैव विविधता के नुकसान से जुड़ा है. दूसरे स्थान पर जलवायु परिवर्तन है, जो 36 से 45 प्रतिशत तक जिम्मेदार है. इसके अलावा नाइट्रोजन संवर्धन का प्रभाव 6 से 8 प्रतिशत हैं, जबकि फॉस्फोरस और मीठे पानी पर पड़ने वाले प्रभाव दो-दो प्रतिशत से कम है.

व्यापार समझौते ने भारत और अमेरिका के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी थी: भारत

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि व्यापार समझौते ने भारत और अमेरिका के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी थी और एक निश्चितता की ओर बढ़ना जरूरी था. उन्होंने पेरिस में रिपोर्टरों से कहा, "देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और दोनों देशों के नेता उनसे निपटते हैं."

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच होने वाला व्यापार समझौता बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा रहा. बुधवार, 17 जून को फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी.

ट्रंप ने इस मुलाकात को बेहद अच्छा बताया और कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं लेकिन मोदी एक “कठोर वार्ताकार” हैं. उन्होंने भविष्य में भारत यात्रा पर आने की भी बात कही. वहीं, विक्रम मिसरी ने रिपोर्टरों से कहा कि भारत और अमेरिका का अंतरिम व्यापार समझौता अब अपने “अंतिम चरण” में हैं.

फीफा से शिकायत करेगा ईरान, वर्ल्ड कप के दौरान यात्रा पाबंदियों का लगाया आरोप

ईरान फुटबॉल महासंघ के प्रवक्ता ने गुरुवार, 18 जून को बताया कि उत्तरी अमेरिका में चल रहे फीफा विश्व कप टूर्नामेंट के दौरान उन पर यात्रा पाबंदियां लगाई जा रही हैं. प्रवक्ता के अनुसार, टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियों का शेड्यूल काफी पहले देने के बावजूद आयोजकों ने उन पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उनके तकनीकी स्टाफ की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. ईरान ने फीफा से इसकी शिकायत करने की बात कही है.

ईरानी टीम को 21 जून को लॉस एंजिल्स में बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलना है. टीम ने मैच से दो दिन पहले ही अमेरिका जाने की अनुमति मांगी थी, ताकि खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और अंतिम अभ्यास का समय मिल सके. तकनीकी कारणों को पेश करने के बावजूद इस अनुरोध को खारिज कर दिया गया.

ईरानी टीम इस बात से भी नाराज है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ रहे पहले मैच की रात को ही उन्हें लॉस एंजिल्स छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था.

दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी दावों को खारिज किया है. व्हाइट हाउस फीफा टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गियुलियानी ने सीबीएस न्यूज से कहा कि ईरान को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि उन्हें मैच से केवल एक दिन पहले ही अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि टीम मैच के अगले दिन आएगी और मैच खत्म होने वाली शाम को ही उन्हें वापस लौटना होगा.

एआई क्षेत्र में कदम रखते ही महिलाओं की सैलरी 145 फीसदी तक बढ़ी: रिपोर्ट

लर्निंग प्लेटफार्म स्केलर की 'इंडिया एआई वर्कफोर्स रिपोर्ट 2026' में सामने आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब पूरे कार्यबल के लिए एक जरूरी क्षमता बनता जा रहा है. इस क्षेत्र में आने वाली महिलाओं को वेतन में भारी बढ़ोतरी मिल रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि एआई सीखने वाले हर चार में से एक पेशेवर का बैकग्राउंड नॉन-टेक्निकल है.

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई से जुड़े करियर में आने वाली महिलाओं की सैलरी औसतन 145 फीसदी बढ़ रही है. यह इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे एआई पारंपरिक तकनीकी भूमिकाओं से परे जाकर करियर के नए रास्ते बना रहा है.

भारत के 11,444 पेशेवरों के इनपुटों पर आधारित यह रिपोर्ट बताती है कि एआई अब केवल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों तक सीमित कोई विशेष कौशल नहीं है. महिलाएं इंजीनियरिंग से आगे बढ़कर ह्यूमन रिसोर्स (एचआर), शिक्षा जगत, मार्केटिंग और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में एआई के माध्यम से अपना योगदान दे रही हैं.

यह भी पढ़ें- अब एआई क्रांति की तैयारी में है भारत

इस रिपोर्ट में यह भी बताया है कि एआई स्किल्स सीखने के बाद गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली महिला इंजीनियरों के वेतन में सबसे तेज बढ़त दर्ज की है. एआई सीखने के बाद उनके कुल मुआवजे या सैलरी पैकेजों में 574 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है.

इस्राएल ने लेबनान पर किया हवाई हमला, 16 लोगों की हुई मौत

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए ने शुक्रवार, 19 जून की सुबह जानकारी दी है कि 18 की रात हुए इस्राएली हवाई हमलों में लेबनान में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हफ्तों में शहरों और कस्बों पर की गई यह अब तक की सबसे भारी बमबारी है.

दूसरी ओर, इस्राएली सेना (आईडीएफ) ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह चरमपंथी गुट की ओर से किए गए युद्धविराम के उल्लंघनों का जवाब दे रहे थे. इस्राएल, अमेरिका, जर्मनी और कई अन्य देश हिज्बुल्लाह को एक आतंकवादी संगठन मानते हैं. इस्राएली सेना ने अपने बयान में कहा, "रात के दौरान सेना ने दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में हिज्बुल्लाह के ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं और यह कार्रवाई अब भी जारी है."

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बेहद नाजुक शांति वार्ता के बीच इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान दिया है. नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हिज्बुल्लाह के खतरे को पूरी तरह से बेअसर नहीं कर दिया जाता, तब तक इस्राएली सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी.

फीफा वर्ल्डकप खेलने वाले पहले सिख खिलाड़ी बने सरप्रीत सिंह

27 साल के सरप्रीत सिंह फीफा फुटबॉल वर्ल्डकप खेलने वाले पहले सिख खिलाड़ी बन गए हैं. 16 जून को वे न्यूजीलैंड की टीम की ओर से मैदान में उतरे. ईरान के खिलाफ हुआ यह मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा. सरप्रीत सिंह का कहना है कि वे मैदान में भारत और न्यूजीलैंड दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं और हमेशा अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करते हैं.

उन्होंने गुरुवार को सैन डिएगो में रिपोर्टरों से कहा, "यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है, यह मेरे लोगों, मेरे परिवार, मेरे समुदाय के लिए बहुत मायने रखता है." उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनके वर्ल्ड कप खेलने से दक्षिण एशियाई विरासत के अन्य खिलाड़ियों के विश्वकप तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है.

भारत ने कभी भी फीफा वर्ल्डकप नहीं खेला है. हालांकि, भारतीय मूल के कई खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में अन्य देशों की ओर से खेल रहे हैं. इनमें ऑस्ट्रेलिया के 'निशान वेलुपिल्लई' भी शामिल हैं, जिनकी मां का संबंध दक्षिण भारत से है. कतर के लिए खेल रहे 'तहसीन जमशेद' भारतीय राज्य केरल से संबंध रखते हैं.

जर्मन चांसलर ने किया अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत, मदद के लिए आगे आया जर्मनी

जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम समझौते पर राष्ट्रपति डॉनल्ड द्वारा हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया है. उन्होंने इस समझौते के तहत हुए युद्धविराम और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग की गारंटी की सराहना की.

मैर्त्स ने कहा कि जर्मन सरकार को अब अपने उन विकल्पों को स्पष्ट करना होगा जिसके जरिए वह इस प्रयास में मदद कर सकती है, जैसे कि माइनस्वीपर्स (सुरंग हटाने वाले जहाज) उपलब्ध कराना या तय उपायों के लिए सैन्य सहायता देना.

मैर्त्स ने साफ किया कि ऐसे किसी भी सैन्य मिशन को शुरू करने से पहले, जर्मन सेना को बुंडेसटाग यानी जर्मन संसद से एक जनादेश या अन्य कानूनी आधार की आवश्यकता होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले पर संसद में पूरी गंभीरता और धैर्य के साथ चर्चा की जाएगी.

लग्जमबर्ग के प्रधानमंत्री लुक फ्रीडेन ने भी "शांति की ओर ले जाने वाले किसी भी समझौते" का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी भी कुछ हिस्से ऐसे हैं जिन पर काम किया जाना बाकी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और वहां शांति व स्थिरता की जरूरत है, जिसे सुनिश्चित करने में लग्जमबर्ग भी मदद करने के लिए तैयार है.

फ्रांस के राष्ट्रपति ने हिंदी में दी पीएम मोदी को विदाई, बोले “प्रिय मित्र”

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे के समापन पर उनके लिए हिंदी में विदाई संदेश जारी किया. माक्रों का यह अंदाज भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते और गर्मजोशी से भरे संबंधों को रेखांकित करता है.

एक वीडियो संदेश में फ्रांसीसी राष्ट्रपति माक्रों ने हिंदी में कहा, "प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी हुई फ्रांस में आपके दौरे के लिए स्वागत करके, फ्रांस भारत की दोस्ती अमर रहे." यह संदेश देने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए अंग्रेजी में कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह सही था."

इसके बाद मैक्रों ने अपनी बात अंग्रेजी में जारी रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "आपकी यात्रा के लिए धन्यवाद. हमारी दोस्ती के लिए धन्यवाद. यह एक बहुत ही सफल यात्रा थी. फ्रांस आपसे प्यार करता है. हम फरवरी में आपसे दोबारा मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. जय हिंद."

अमेरिका-ईरान के बीच शुक्रवार को होने वाली बातचीत टली, स्विट्जरलैंड ने की पुष्टि

स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को बुएरगेनश्टॉक रिजॉर्ट में होने वाली प्रस्तावित वार्ता अब नहीं होगी. स्विट्जरलैंड सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक के रद्द होने की पुष्टि की है. यह बातचीत दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए 14 बिंदुओं वाले हालिया समझौते को लागू करने के शुरुआती चरणों पर केंद्रित थी.

यह घोषणा व्हाइट हाउस के उस बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने स्विट्जरलैंड की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने रातभर चले घटनाक्रम के बाद बताया कि जेडी वैंस शुक्रवार को होने वाली बैठक में ईरानी वार्ताकारों से मिलने के लिए स्विट्जरलैंड नहीं जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- ईरान युद्ध के लक्ष्यों में डॉनल्ड ट्रंप को क्या हासिल हुआ

अमेरिकी उपराष्ट्रपति को इस यात्रा के दौरान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए समझौते को लागू करने के बारे में चर्चा शुरू करनी थी. दोनों देशों के बीच इस महत्वपूर्ण समझौते को लागू करने के लिए तकनीकी बातचीत शुरू होनी थी, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से पीछे हटने के बाद फिलहाल इस वार्ता को टाल दिया गया है.

भारत में अस्थायी बैन के खिलाफ टेलीग्राम की याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट-यूजी की परीक्षा से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा है. जस्टिस तेजस करिया ने 19 जून की सुबह अपना फैसला सुनाया. उन्होंने कहा कि सरकार को धारा 69ए के तहत टेलीग्राम तक पहुंच रोकने का अधिकार है और यह नहीं कहा जा सकता कि यह आदेश असंगत है.

इस साल 3 मई को नीट-यूजी की परीक्षा हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक के आरोप लगे थे. इसके बाद वह परीक्षा रद्द कर दी गई थी और 21 जून को दोबारा से नीट-परीक्षा करवाने का एलान किया गया. इससे पहले 16 जून को भारत सरकार ने टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया. सरकार ने तर्क दिया कि उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों द्वारा इस प्लेटफॉर्म का संगठित इस्तेमाल किया जाता रहा है.

टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव ने इस फैसले का सख्ती से विरोध किया. उन्होंने कहा कि यह भारत के 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स को सजा देने जैसा है. इसके बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में अस्थायी बैन के इस फैसले को चुनौती दी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है.

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