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Bengaluru: पत्थर की खदान में भारी-भरकम चट्टान गिरने से बिहार के 7 से 8 मजदूरों की मौत, कई घायल (Watch Videos)

बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक पत्थर की खदान में सुबह अचानक एक विशाल चट्टान भरभराकर गिर गई. हादसे में बिहार और अन्य राज्यों के 7 से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से घायल हैं. मलबे को हटाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है.

Bengaluru: पत्थर की खदान में भारी-भरकम चट्टान गिरने से बिहार के 7 से 8 मजदूरों की मौत, कई घायल (Watch Videos)
बेंगलुरु में विशाल चट्टान गिरी (Photo Credits: X/@KeypadGuerilla)

बेंगलुरु: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) से सटे बेंगलुरु साउथ ताल्लुक में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. यहाँ के तावरेकेरे पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मादापट्टना गांव में स्थित 'कावेरी क्रशर' यूनिट में एक विशाल चट्टान अचानक भरभराकर गिर गई. इस हादसे में खदान के गहरे गड्ढे में काम कर रहे कम से कम 7 से 8 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश बिहार के रहने वाले थे. चट्टान गिरने से कई अन्य मजदूर मलबे के नीचे दब गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. यह भी पढ़ें: मंगलूरु के पास समुद्र में संकट में फंसी नाव, भारतीय तटरक्षक बल ने 6 मछुआरों को सुरक्षित बचाया (Watch Video)

सुबह के वक्त अचानक हुआ हादसा

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह लगभग 5:00 से 7:30 बजे के बीच हुआ. उस समय खदान में लगभग 15 से 20 मजदूर अपनी नियमित शिफ्ट में काम कर रहे थे. मजदूर जमीन की सतह से करीब 40 फीट नीचे ड्रिलिंग और पत्थर लोडिंग का काम कर रहे थे, तभी बिना किसी चेतावनी के ऊपर से एक भारी-भरकम ग्रेनाइट चट्टान सीधे उनके ऊपर आ गिरी.

वहाँ काम कर रहे एक अन्य मजदूर विनोद ने बताया कि रात की शिफ्ट खत्म होने के बाद मजदूर सुबह का काम संभाल ही रहे थे कि यह घटना हो गई. चट्टान इतनी विशाल थी कि उसने वहाँ मौजूद खुदाई और क्रेन मशीनों (जैसे हिताची और जेसीबी) को भी बुरी तरह कुचल दिया, जिससे मजदूरों को भागने का मौका ही नहीं मिला.

बेंगलुरु की खदान में चट्टान का विशाल टुकड़ा गिरा

युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही तावरेकेरे पुलिस और दमकल विभाग सहित आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंच गए. भारी मलबे और विशाल पत्थरों को हटाने के लिए क्रेन और कटर मशीनों का इस्तेमाल किया जा हुए युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया.

हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 5 से 6 मजदूरों को तुरंत पास के राजराजेश्वरी (आरआर) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे और भी मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है.

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, अवैध खनन के लगे आरोप

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि खदान मालिकों का यह पहला कर्तव्य है कि वे काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और जिंदगी का ध्यान रखें. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार यह हादसा ब्लास्टिंग (विस्फोट) के कारण नहीं, बल्कि मिट्टी और चट्टान के खिसकने से हुआ है. सरकार नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों पर सख्त कार्रवाई करेगी.

दूसरी तरफ, स्थानीय यशवंतपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एस.टी. सोमशेखर ने इस खदान में लंबे समय से चल रही कथित 'अवैध और असुरक्षित' खनन गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठा चुके हैं, लेकिन पुलिस, वन और खनन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. फिलहाल पुलिस ने खदान के मालिक (आनंदस्वामी) को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2026 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).