देश

कांग्रेस में शामिल होने से पहले केशव राव ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी से की मुलाकात

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के महासचिव के. केशव राव ने अपनी बेटी और हैदराबाद की मेयर गडवाल विजयलक्ष्मी के साथ कांग्रेस में शामिल होने से एक दिन पहले शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की.

कांग्रेस में शामिल होने से पहले केशव राव ने तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी से की मुलाकात
Keshav Rao

हैदराबाद, 29 मार्च : भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के महासचिव के. केशव राव ने अपनी बेटी और हैदराबाद की मेयर गडवाल विजयलक्ष्मी के साथ कांग्रेस में शामिल होने से एक दिन पहले शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के दौरान एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी और अन्य नेता मौजूद थे. माना जाता है कि राज्यसभा सदस्य केशव राव ने कांग्रेस में शामिल होने के अपने फैसले से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.

केशव राव और उनकी बेटी ने गुरुवार को कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की थी. विजयलक्ष्मी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल का मेयर होने से विकास कार्य सुचारू रूप से हो सकते हैं. राज्यसभा सदस्य केशव राव ने बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव को भी अपना निर्णय बता दिया है. वरिष्ठ नेता ने उनसे कहा कि वह कांग्रेस में लौटना चाहते हैं, क्योंकि वह लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं. उल्लेख किया कि वह 53 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी में थे और वह तेलंगाना के लिए बीआरएस में शामिल हुए थे. उन्होंने कांग्रेस में वापसी की इच्छा जताई. यह भी पढ़ें : कांग्रेस पांच अप्रैल को जारी कर सकती है घोषणापत्र, तीन अप्रैल को शुरू करेगी ‘घर-घर गारंटी’ अभियान

उनका फैसला दीपा दासमुंशी से मिलने और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के एक हफ्ते बाद आया. हालांकि, केशव राव के बेटे के. विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनका अपने पिता और बहन के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है. टीएस अर्बन फाइनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पूर्व अध्यक्ष विप्लव कुमार ने कहा कि वह बीआरएस के साथ बने रहेंगे.

बीआरएस के पांच मौजूदा सांसद और एक विधायक सहित कई नेता कांग्रेस या भाजपा में शामिल हो चुके हैं. अब हैदराबाद की मेयर के साथ ही बीआरएस के कई पार्षदों के भी कांग्रेस में शामिल होने की संभावना है. गौरतलब है कि हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को निराशा ही हाथ लगी थी. पार्टी केवल दो वार्ड ही जीत पाई थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 29, 2024 03:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).