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Barwani Leopard Attack: तेंदुआ हमले में घायल 9 वर्षीय बच्चे की 21 दिन बाद मौत; रेबीज के संक्रमण की आशंका

मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा से सटे बड़वानी जिले में 7 जुलाई को तेंदुए के हमले में घायल हुए 9 वर्षीय बालक कुणाल की 21 दिनों बाद मौत हो गई. स्वास्थ्य व वन विभाग ने बच्चे में रेबीज के लक्षण विकसित होने की आशंका जताई है. रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग ने इलाके को सैनिटाइज करने व तेंदुए के रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी है.

Barwani Leopard Attack: तेंदुआ हमले में घायल 9 वर्षीय बच्चे की 21 दिन बाद मौत; रेबीज के संक्रमण की आशंका
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

बड़वानी: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और महाराष्ट्र की सीमा (Maharashtra Border) पर स्थित बड़वानी जिले (Barwani District) के बिजासन क्षेत्र के मोहरट माल गांव में तेंदुए के हमले में घायल हुए 9 वर्षीय बच्चे की घटना के 21 दिनों बाद मौत हो गई. बालक की मौत के बाद स्वास्थ्य और वन विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि बच्चे की मृत्यु रेबीज (Rabies) के संक्रमण के कारण हो सकती है.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जबकि वन विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Leopard Attack Video: उत्तराखंड के हरिद्वार में तेंदुए ने कुत्ते पर किया हमला, झुंड में आए कुत्तों ने खदेड़ा

बकरी चराने के दौरान हुआ था हमला

सेंधवा के उप-विभागीय वन अधिकारी (SDO) ओम प्रकाश बिदारे के अनुसार, यह घटना 7 जुलाई 2026 को हुई थी. मोहरट माल गांव के दो बच्चे—कुणाल (9 वर्ष) और अरुण (10 वर्ष)—जंगल के करीब बकरियां चराने गए थे.

झाड़ियों के बीच अनजाने में बच्चे उस स्थान पर चले गए जहां तेंदुआ आराम कर रहा था. आहट मिलते ही तेंदुए ने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया. इस हमले में कुणाल के चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि अरुण शरीर के अन्य हिस्सों में घायल हुआ था.

दोनों बच्चों को पहले सेंधवा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इंदौर के एमवाय (MY) अस्पताल रिफर कर दिया गया था. इलाज के बाद दोनों बच्चों को 22 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.

रेबीज की आशंका से अलर्ट पर प्रशासन

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के कुछ ही दिनों बाद कुणाल की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों द्वारा रेबीज के लक्षण जताए जाने के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है.

वन संरक्षक बासू कनौजिया ने बताया:

"स्वास्थ्य विभाग से मौत के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. यदि जांच में रेबीज की पुष्टि होती है, तो निर्धारित मेडिकल व वाइल्डलाइफ प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. प्रभावित इलाके को पूरी तरह सैनिटाइज किया जाएगा और संबंधित तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने का अभियान चलाया जाएगा."

ग्रामीण क्षेत्रों में एडवाइजरी जारी

घटना के बाद वन विभाग ने सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को अकेले जंगलों की ओर न जाने दें और मवेशियों को चराते समय सतर्कता बरतें. स्वास्थ्य विभाग यह भी जांच कर रहा है कि दूसरे घायल बच्चे अरुण को आवश्यक एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई है या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2026 01:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).