Bareilly BJP Mayor Umesh Gautam Rakhi Event: बरेली में बीजेपी मेयर उमेश गौतम के राखी कार्यक्रम में मची भगदड़, 20 हजार से ज्यादा महिलाओं की भीड़; कई बेहोश, एक महिला की मौत
भीड़ बेकाबू होती देख मेयर उमेश गौतम ने लोगों को मैदान के अलग-अलग हिस्सों में भेजने की कोशिश की. उन्होंने अपने बेटे पार्थ गौतम को मुख्य द्वार पर भेजा, ताकि वहां भी महिलाओं को राखी बांधी जा सके और मंच के पास का दबाव कम हो. हालांकि इसके बावजूद भीड़ पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका.
Bareilly BJP Mayor Umesh Gautam Rakhi Event: उत्तर प्रदेश के बरेली में रक्षाबंधन से एक दिन पहले आयोजित बीजेपी मेयर उमेश गौतम के राखी कार्यक्रम में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब साड़ी वितरण कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक महिलाएं पहुंच गईं. भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिसमें कई महिलाएं बेहोश हो गईं और कई घायल हो गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में मधु नाम की एक महिला की मौत भी हो गई, हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. यह भी पढ़ें: Rakhi Ka Time: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण गाइड
बैरिकेड तोड़कर मंच की ओर दौड़ी भीड़
बरेली क्लब ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में पहले से कूपन बांटे गए थे, जिसके जरिए महिलाओं को राखी बांधने और साड़ी लेने के लिए आमंत्रित किया गया था. कार्यक्रम में महिलाएं अपने बच्चों और परिवार के बुजुर्गों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचीं. भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि मैदान में खड़े होने तक की जगह नहीं बची. इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने बैरिकेड तोड़ दिए और मंच की ओर बढ़ने लगीं. धक्का-मुक्की के बीच कई महिलाएं गिर गईं, जबकि कई बेहोश हो गईं. घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया.
बरेली में BJP मेयर उमेश गौतम के राखी कार्यक्रम में 20,000 महिलाओं के पहुंचने से अफरातफरी मच गई:
हालात संभालने की कोशिश में जुटे मेयर उमेश गौतम
भीड़ बेकाबू होती देख मेयर उमेश गौतम ने लोगों को मैदान के अलग-अलग हिस्सों में भेजने की कोशिश की. उन्होंने अपने बेटे पार्थ गौतम को मुख्य द्वार पर भेजा, ताकि वहां भी महिलाओं को राखी बांधी जा सके और मंच के पास का दबाव कम हो. हालांकि इसके बावजूद भीड़ पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका.
परिजनों से बिछड़े बच्चे, मैदान में बिखरे चप्पल और सामान
अफरातफरी के दौरान कई बच्चे अपने परिवार से बिछड़ गए. मंच से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए बच्चों और उनके परिजनों के नामों की घोषणा की जाती रही. घटना के बाद मैदान में टूटी चूड़ियां, चप्पलें और महिलाओं का अन्य सामान बिखरा पड़ा मिला. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई महिलाएं भीड़ में दब गईं और कुछ को लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला.
महिलाओं ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने आयोजकों की व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. महिलाओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बावजूद पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, सुरक्षित आवाजाही के लिए रास्ते नहीं बनाए गए थे और भीड़ प्रबंधन भी बेहद कमजोर था. उपहार वितरण के दौरान हालात और बिगड़ गए, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
पुलिस ने क्या कहा?
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस को इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी. फिलहाल मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.