Bangladesh: नरसंहार पर डार के दावों पर अवामी लीग ने मुहम्मद यूनुस की आलोचना की
बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश को "पाकिस्तानी सोच" की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने इस सरकार पर "मुक्ति संग्राम विरोधी" और "राष्ट्र विरोधी" रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया है.
ढाका, 25 अगस्त : बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश को "पाकिस्तानी सोच" की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने इस सरकार पर "मुक्ति संग्राम विरोधी" और "राष्ट्र विरोधी" रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया है. यह मामला तब सामने आया है जब पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने बांग्लादेश का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने अंतरिम सरकार के शीर्ष नेताओं और देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की.
अवामी लीग ने यूनुस सरकार की आलोचना करते हुए उस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के इतिहास को गलत तरीके से पेश कर रही है और समाज से उसकी यादों को मिटाने की "घृणित" कोशिश कर रही है. पार्टी ने कहा, "इन देशविरोधी ताकतों की विनाशकारी हरकतें यह दिखाती हैं कि अवामी लीग के अलावा किसी और पार्टी में बांग्लादेश के महान मुक्ति संग्राम की भावना और उसके लक्ष्यों की रक्षा करने की क्षमता नहीं है." यह भी पढ़ें : India-Fiji Relations: भारत-फिजी के रिश्तों ने पूरे पैसिफिक क्षेत्र के साथ हमारे जुड़ाव को नई ताकत दी है; पीएम मोदी
अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात के बाद डार ने पत्रकारों से कहा कि 1971 के नरसंहार पर माफी मांगने की ढाका की जो पुरानी मांग है, वह पहले दो बार सुलझाई जा चुकी है. इसके अलावा, डार की यात्रा खत्म होने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में भी नरसंहार के मुद्दे का कोई जिक्र नहीं किया गया 1971 में बांग्लादेश में हुआ नरसंहार, जो पाकिस्तानी सेना ने किया था, उस समय के पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में रहने वाले बंगालियों के खिलाफ एक संगठित हिंसा थी. यह नरसंहार बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान हुआ था.
अवामी लीग ने अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ावा दे रही है और बांग्लादेश के राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम को कम महत्व देने की झूठी कहानी फैला रही है. इसमें कहा गया है, "संविधान तोड़कर अवैध तरीके से राज्य की सत्ता लेने के बाद, फासीवादी यूनुस समूह ने पाकिस्तान समर्थक चरमपंथी और सांप्रदायिक आतंकवादी संगठनों को फैलने दिया. इसके बाद बांग्लादेश पाकिस्तान के आदेशों के तहत चलने लगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2025 02:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

