उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम धामी से की बात
उत्तराखंड के चमोली में माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पैनी नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीजी आईटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से फोन पर बात की. इसके साथ ही अमित शाह ने बताया कि हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है.
लखनऊ, 28 फरवरी : उत्तराखंड के चमोली में माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पैनी नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीजी आईटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से फोन पर बात की. इसके साथ ही अमित शाह ने बताया कि हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डीजी आईटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से बात की. हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है. स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है. एनडीआरएफ की दो टीमें भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुंच रही हैं.'' यह भी पढ़ें : वेंजारामूडु सामूहिक हत्याकांड: पुलिस को संदेह, वित्तीय देनदारियों के कारण की गईं हत्याएं
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चमोली हादसे पर उत्तराखंड के सीएम धामी से फोन पर बात की. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''आज जोशीमठ (उत्तराखंड) के माणा क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है. स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की. प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव कार्य भी जारी है. सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं.''
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने चमोली में माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की.
माणा गांव के करीब रोड बना रहे बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के 57 मजदूर बर्फ में दब गए. अभी तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है. जानकारी के अनुसार, सभी मजदूर भारत-चीन सीमा के पास स्थित चमोली के माणा गांव के पास बीआरओ के निर्माण कार्य में लगे हुए थे. इसी दौरान अचानक ग्लेशियर टूट गया और वहां मौजूद 57 मजदूर इसकी चपेट में आ गए. बताया जा रहा है कि हादसे की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, आईटीबीपी और बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची. वहीं, बर्फ में दबे मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 28, 2025 04:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

