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अमेरिका और कनाडा में खालिस्तानियों पर हमले जारी

अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक सिखों पर हमले जारी हैं और दोनों देशों की सरकारों ने कई सिख कार्यकर्ताओं को चेतावनी जारी कर सावधान रहने को कहा है.

अमेरिका और कनाडा में खालिस्तानियों पर हमले जारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक सिखों पर हमले जारी हैं और दोनों देशों की सरकारों ने कई सिख कार्यकर्ताओं को चेतावनी जारी कर सावधान रहने को कहा है.अमेरिका में रहने वाले खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा है कि कनाडा की पुलिस ने वहां के एक खालिस्तान समर्थक नेता इंदरजीत सिंह गोसल को सावधान रहने को कहा है. मंगलवार को पन्नू ने बताया कि रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के साथ काम कर रही ओंटारियो प्रांत की पुलिस ने इसी सप्ताह इंदरजीत सिंह गोसल को "ड्यूटी टू वॉर्न" नोटिस जारी किया है.

पन्नू द्वारा जारी एक बयान में गोसल ने कहा, "कनाडाई अधिकारियों ने मुझे जान के खतरे के बारे में सूचित किया है. हालांकि, पंजाब को भारतीय कब्जे से मुक्त कराने की मेरी प्रतिबद्धता अडिग है."

गोसल ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर के सहायक के रूप में काम किया, जिनकी जून 2023 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सितंबर में, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या में भारत सरकार की संभावित भूमिका के विश्वसनीय आरोपों का उल्लेख किया था. तब से पुलिस ने हत्या के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

भारत ने इस गोलीकांड से किसी भी संबंध से इनकार किया है. भारत का आरोप है कि कनाडा खालिस्तान के नाम से जाने जाने वाला एक स्वतंत्र राज्य बनाने के समर्थक सिख अलगाववादियों को शरण देता है.

आरसीएमपी और ओंटारियो पुलिस से तुरंत टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी. कनाडाई सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री डॉमिनिक लेब्लांक के कार्यालय ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

अमेरिका में भी हमले

अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने पिछले सप्ताह कहा कि वे 11 अगस्त को हुई एक गोलीबारी की जांच कर रहे हैं, जिसमें कैलिफॉर्निया के एक सिख राजनीतिक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया था. यह कार्यकर्ता भी निज्जर से जुड़ा हुआ था.

वुडलैंड, कैलिफॉर्निया के सतिंदर पाल सिंह राजू ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि एफबीआई एजेंट्स गुरुवार को उनसे और उनके एक दोस्त से मिलने आए, जो हमले के वक्त ट्रक चला रहे थे. वह और एक अन्य यात्री योलो काउंटी में इंटरस्टेट 505 साउथ हाईवे पर देर रात खाना खाने के बाद वकैविल से लौट रहे थे.

राजू ने एक अनुवादक के माध्यम से बताया कि एक सफेद कार उनके ट्रक के बाईं ओर आई, फिर पीछे हो गई और फिर से उनके बगल में आ गई. तभी पहली गोली चलाई गई.

राजू ने कहा, "पहली गोली चलते ही मैं नीचे झुक गया, लेकिन फिर मैंने और भी गोलियों की आवाज सुनी. मुझे तुरंत हरदीप सिंह निज्जर की याद आई और यह महसूस किया कि यह वैसा ही हमला है."

गोलीबारी से बचने की कोशिश में उनका ट्रक फिसलकर खाई में गिर गया. राजू और उनके दो दोस्त पास के खेत में भाग गए और वहां एक घास के ढेर के पीछे छिपकर 911 को फोन किया. पुलिस ने उन्हें बाद में बताया कि घटनास्थल पर कम से कम पांच गोलियों के खोखे मिले हैं.

एफबीआई के सैक्रामेंटो कार्यालय ने पुष्टि की है कि वे कैलिफॉर्निया हाईवे पैट्रोल के साथ मिलकर इस गोलीबारी की जांच कर रहे हैं. कैलिफॉर्निया हाईवे पैट्रोल के एक प्रवक्ता ने शूटिंग की पुष्टि की, लेकिन अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच जारी है.

सिख कार्यकर्ताओं को पुलिस की चेतावनी

निज्जर की हत्या के बाद के दिनों और महीनों में, एफबीआई और कनाडाई रॉयल माउंटेड पुलिस ने कम से कम सात सिख कार्यकर्ताओं को निजी तौर पर चेतावनी दी थी कि उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है. हालांकि उन्होंने खतरे के स्रोत का उल्लेख नहीं किया.

राजू ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई चेतावनी नहीं मिली थी. इस महीने की शुरुआत में रायटर्स ने खबर छापी थी कि निज्जर की मौत के बाद से अमेरिका और कनाडा में सिख समुदाय के नेताओं, जिनमें चुने हुए अधिकारी भी शामिल हैं, के खिलाफ धमकियों और उत्पीड़न का सिलसिला जारी है.

राजू भी सिख्स फॉर जस्टिस नामक संगठन से जुड़े हुए हैं, जिसे पन्नू ने स्थापित किया था. यह संगठन दुनिया भर में गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह आयोजित करता है. इन जनमत संग्रहों में भारत के पंजाब राज्य को भारत से अलग कर स्वतंत्र खालिस्तान बनाने का आह्वान किया जाता है.

यह आंदोलन 1980 और 1990 के दशकों में भारत के पंजाब राज्य में एक हिंसक विद्रोह का कारण बना था, जिसे बाद में बेहद सख्ती से कुचला गया था.

राजू ने कहा कि वह पन्नू की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध नहीं हैं, लेकिन वह जनमत संग्रह के आयोजन में सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि उनके कोई दुश्मन नहीं हैं और उन्हें संदेह है कि इस शूटिंग का मकसद खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करने वालों में भय फैलाना था.

राजू ने कहा, "वे खालिस्तान जनमत संग्रह को रोकना चाहते हैं. लेकिन मुझ पर यह हमला और जान से मारने की धमकी मुझे इस अभियान को जारी रखने से नहीं रोक पाएगी."

अमेरिका और कनाडा में जांच

पिछले साल एफबीआई ने एक और प्रमुख सिख अलगाववादी, गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की एक कथित कोशिश को विफल किया था. अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर भारतीय खुफिया अधिकारी के कहने पर पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. गुप्ता ने दोषी ना होने की बात कही है और न्यूयॉर्क में मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं.

कनाडा में चार भारतीय नागरिकों पर निज्जर की हत्या और साजिश का आरोप है. भारत ने दोनों घटनाओं में शामिल होने से इनकार किया है. यह स्पष्ट नहीं है कि राजू पर हुई गोलीबारी का इन घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं. भारत के वॉशिंगटन दूतावास ने कैलिफॉर्निया में हुई हालिया गोलीबारी पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.

पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा था कि अमेरिका और कनाडा सिख अलगाववादियों पर हुए हत्या के प्रयासों से संबंधित जांच पर सहयोग कर रहे हैं.

वीके/सीके (रॉयटर्स, एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2024 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).