Assam Floods: असम में बाढ़ का कहर जारी, 10 और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 41 हुई; 64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
असम के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा ने चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों की तैयारियों का आकलन करते हुए अधिकारियों को राहत सामग्री का निर्बाध वितरण, आवश्यक सेवाओं की जल्द बहाली और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
Assam Floods: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 10 और लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 41 पहुंच गई है. बाढ़ का असर राज्य के 40 राजस्व सर्किलों में देखने को मिल रहा है, जहां 64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. प्रशासन प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चला रहा है. यह भी पढ़ें: Assam Floods: असम में बादल फटने और मूसलाधार बारिश से भीषण तबाही; 31 लोगों की मौत, 5.65 लाख से अधिक प्रभावित
राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है. हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
अगले 3 से 4 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान असम के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है. इसे देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है.
गुवाहाटी में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
बाढ़ के कारण राजधानी गुवाहाटी में भी यातायात प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और सावधानी बरतने की अपील की है.
मुख्य सचिव ने प्रभावित जिलों की स्थिति का लिया जायजा
असम के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा ने चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों की तैयारियों का आकलन करते हुए अधिकारियों को राहत सामग्री का निर्बाध वितरण, आवश्यक सेवाओं की जल्द बहाली और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.