PM Awas Yojana Fraud: पीएम आवास योजना का पैसा मिलते ही प्रेमी संग फरार हुई महिला, पहली किस्त में मिले थे ₹40,000; प्रशासन ने जारी किया नोटिस
उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की साख और निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
PM Awas Yojana Fraud: उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की साख और निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. गांव की एक महिला को सरकार से घर बनाने के लिए 40 हजार रुपये की पहली किस्त क्या मिली, वो तीन बच्चों समेत अपने प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई. पूरा मामला अमेठी के रेभा गांव का है. यहां की उतरा कुमारी नाम की महिला, जो 2013 में राम संजीवन नामक व्यक्ति से शादी के बाद विधवा हो गई थी, उसे सरकार की PM आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसे मिले थे. पहली किस्त के तौर पर उसके खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए.
गांववालों की मानें तो पैसे मिलते ही महिला ने सीधे ‘घर से निकलो और भाग लो’ वाला फॉर्मूला अपनाया.
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गांव में छह महीने से लटका है ताला
गांव के लोग बताते हैं कि महिला का पहले से एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. वो युवक अक्सर महिला के घर आता-जाता था. एक बार तो गांववालों ने उसे रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था. लेकिन जैसे ही सरकारी पैसा मिला, महिला ने तीनों बच्चों को साथ लिया और प्रेमी संग भाग निकली. अब छह महीने से उसके घर पर ताला लटका है और मोबाइल भी बंद है.
जनता के पैसे की लूट है ये: ग्रामीण
गांव की निर्मला देवी कहती हैं, “जिस मकसद से सरकार पैसा देती है, उसका ऐसा दुरुपयोग देख गांव का भरोसा ही डोल गया है.” वहीं, गांव के संदीप पांडे ने कहा, “सरकारी योजनाएं उन लोगों के लिए हैं जो वाकई ज़रूरतमंद हैं. ये तो खुलेआम गड़बड़ी है.” गांव वालों का कहना है कि ये तो जनता के पैसों की सीधी चोरी है.
प्रशासन की नींद टूटी, नोटिस जारी
मामला सामने आते ही प्रशासन भी हरकत में आया है. अमेठी के बीडीओ बृजेश सिंह ने बताया कि महिला के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया है और जांच शुरू हो चुकी है. अगर महिला दोषी पाई गई, तो उससे वसूली भी की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.
PMAY की साख पर सवाल
प्रधानमंत्री आवास योजना का मकसद गरीबों को छत देना है. इसके तहत हर लाभार्थी को किस्तों में पैसा दिया जाता है ताकि वो ईमानदारी से घर बना सके. लेकिन इस घटना ने योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है. यह साफ है कि पैसे देने से पहले और बाद में अगर ठीक से मॉनिटरिंग नहीं की गई, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं.
अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में क्या एक्शन लेता है और योजना की पारदर्शिता को कैसे बनाए रखता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2025 12:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

