कनाडा में एक और खालिस्तानी समर्थक के घर पर हमला
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

कनाडा की पुलिस ने कहा है कि पील क्षेत्र में रहने वाले एक सिख नेता के घर पर गोलियां चलाई गईं. खालिस्तान समर्थक सिख कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह गोजल के घर पर गोलीबारी हुई है.पील रीजनल पुलिस के कांस्टेबल टाइलर बेल-मोरेना ने कहा कि घर बनाने वाले कामगारों ने उन्हें सूचित किया कि ओंतारियो प्रांत के ब्रैम्पटन में रहने वाले इंदरजीत सिंह गोजल के घर पर गोली का एक छेद दिखाई दिया है. उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है.

गोजल को खालिस्तान का समर्थक बताया जाता है. वह अमेरिकी खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीबी माने जाते हैं जिनकी हत्या की साजिश का खुलासा अमेरिकी पुलिस ने हाल ही में किया था.

खाली घर पर गोलीबारी

पुलिस ने कहा कि ब्रैम्पटन में गोजल का घर अभी निर्माणाधीन है और वहां कोई रहता नहीं है. गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ है. बेल-मोरेना ने कहा, "हम जानते हैं कि यह व्यक्ति (गोजल) कौन है और उसके संपर्क किस तरह के हैं. लेकिन अभी हिंसा के बारे में किसी तरह की अटकलें लगाना और हिंसा व धमकियों की अन्य घटनाओं से उनका संबंध देखना जल्दबाजी होगा.”

बेल-मोरेना का इशारा हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की ओर था, जिसके बारे में कनाडा ने आरोप लगाया था कि उस घटना में भारतीय जासूसी एजेंसियों का हाथ होने का संदेह है. उन्होंने कहा, "बेशक, हम सभी जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रख रहे हैं.”

इस घटना पर प्रतिक्रिया में पन्नू ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि गाड़ी में चलते-चलते "गोलियां दागी गईं”.

एक के बाद एक घटनाएं

पिछले सितंबर में ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि एक कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय जासूसी एजेंसियों का हाथ होने का संदेह है.

कनाडा की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस में एक बयान में ट्रूडो ने कहा, "कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां ऐसे ठोस आरोपों की जांच कर रही हैं कि एक कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के जासूसों का हाथ है. कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी विदेशी सरकार की भूमिका हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता."

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य के सरी में हरदीप सिंह निज्जर की एक गुरुद्वारे के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. भारत सरकार निज्जर को आतंकवादी मानती थी और उन्हें उग्रवादी अलगाववादी संगठन का नेता बताती है. हालांकि निज्जर के समर्थक इसे सरासर गलत बताते हैं.

अमेरिका में साजिश के आरोप

उसके बाद नवंबर में अमेरिका ने कहा कि एक खालिस्तान समर्थक अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की विफल साजिश के पीछे भारतीय अधिकारी काम कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क में कहा कि 52 वर्षीय निखिल गुप्ता भारत सरकार के एक कर्मचारी के साथ मिलकर काम किया, जो सुरक्षा और जासूसी के लिए जिम्मेदार है. अधिकारियों ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने इस अधिकारी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.

इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों भारत के बारे में बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन कनाडा के साथ संबंधों में तनाव हुआ. कनाडा ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते के बारे में चल रही बातचीत भी रोक दी है.

इस महीने की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक अन्य सिख नेता पर भी गोलीबारी हुई थी. निज्जर के ही सहयोगी रहे सिमरनजीत सिंह पर गोलीबारी के बाद दो कनाडाई किशोरों को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि उस घटना के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया.

भारत ने कनाडा और अमेरिका में हुईं घटनाओं में किसी तरह की भूमिका से इनकार किया है और अमेरिका की घटना पर उसने जांच शुरू की है. कनाडा ने अभी तक किसी तरह के सबूत सार्वजनिक नहीं किए हैं.

विवेक कुमार (एएफपी)