भारत में उड़ानों की सुरक्षा के जिम्मेदार DGCA में नेपोटिज्म के आरोप
इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, DGCA के कई अधिकारियों ने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने रिश्तेदारों को एविएशन सेक्टर में नौकरी दिलाई.
इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, DGCA के कई अधिकारियों ने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने रिश्तेदारों को एविएशन सेक्टर में नौकरी दिलाई. रिपोर्ट के मुताबिक इसकी जानकारी सरकार को भी है.भारत के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अधिकारियों ने 31 जनवरी 2026 को बताया कि अब तक उनके 59 रिश्तेदार, सिविल एविएशन सेक्टर में काम कर रहे हैं. एक साल पहले रिश्तेदारों का यह आंकड़ा 41 था. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा है कि, कुछ मामलों में हितों का टकराव स्पष्ट था, इसके बावजूद इन अधिकारियों के रिश्तेदारों को एयरलाइन कंपनियों में नौकरियां दी गईं. दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि DGCA के अधिकारियों ने अपने पद व प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने परिवारजनों की ये नौकरियां हासिल करने में मदद की. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इससे जुड़े सरकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद 22 जुलाई 2024 को यह रिपोर्ट छापी.
रॉयटर्स के मुताबिक, भारत का नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय 2025 के मध्य से लगातार DGCA को इस बारे में चुनौती दे रहा था. जनवरी 2026 के एक डॉक्यूमेंट में भारत की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा, "DGCA, भर्ती में या अपने रिश्तेदारों के प्लेसमेंट में, अपने अधिकारियों के प्रभाव के इस्तेमाल को, असरदार रूप से कम करने या दुरुस्त करने में सफल नहीं हुआ है." इस दस्तावेज में यह नहीं बताया गया कि मंत्रालय इस बारे में आगे क्या कदम उठाएगा.
रॉयटर्स की इस रिपोर्ट को भारत व विदेशी मीडिया के कई संस्थानों ने छापा है. रिपोर्ट पब्लिश होने के 48 घंटे बाद भी DCGA की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है.
सवालों के घेरे में DGCA
भारत दुनिया में सबसे तेजी से उभरने वाले एविएशन बाजारों में शामिल हैं. लेकिन जून 2025 में अहमदाबाद में एयर इंडिया के एक विमान के क्रैश होने के बाद, DGCA पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे. अहमदाबाद क्रैश के कुछ महीने बाद ही, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की सैकड़ों उड़ानों में आई बाधा ने भी DGCA के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए.
इंडिगो संकट के बाद सरकार ने लिया कड़ा फैसला
इसी दौरान DGCA के एक आईपीएस अधिकारी पर रिश्वत लेने के आरोप भी लगे. DGCA में रिजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात उस अधिकारी पर कम से कम तीन करोड़ रुपये का रिश्वत रैकेट चलाने का आरोप है. इस अधिकारी ने तस्करी से जुड़ी एक सीबीआई जांच को प्रभावित करने की कोशिश की.
भाई नियामक और बहन एयर इंडिया में
2025 में DGCA के अतिरिक्त निदेशक इंजीनियरिंग से हितों के टकराव को लेकर पूछताछ की गई. असल में इस अधिकारी की बहन को एयर इंडिया के क्वालिटी डिपार्टमेंट में नौकरी मिली, जबकि उसका भाई यानी DGCA अधिकारी, एयर इंडिया को रेग्युलेट्री मंजूरियां दे रहा था. जांच के दौरान DGCA ने तर्क दिया कि बहन एक स्वतंत्र विधवा है और बेटे, बेटियों को नौकरी पर रखने से पहले जरूरी प्रक्रियाएं, बहन पर लागू नहीं होती हैं. इसके बाद, DGCA ने कहा कि इस मामले से जुड़ा अधिकारी अब एयर इंडिया के मामले नहीं देखेगा.
अगस्त 2025 में DGCA के इस तर्क को खारिज करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लिखा, "बहन परिवार की परिधि में आती है. प्रभाव या किसी अधिकारी की संलिप्तता को खारिज नहीं किया जा सकता...."
क्या कहते हैं DGCA से जुड़े नियम
भारतीय नियमों के मुताबिक, कोई भी संघीय कर्मचारी अपने पद या प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने परिवारजनों को नौकरी नहीं दिला सकता है. ऐसा करना पद के दुरुपयोग, पक्षपात और हितों के टकराव की श्रेणी में आता है. नियमावली के मुताबिक DGCA के अधिकारियों को ऐसी नियुक्तियों के संबंध में हलफनामा देना होता है. 2013 में भी DGCA में चार अधिकारियों के खिलाफ ऐसे मामले आए थे.
मौजूदा मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस बात को लेकर चिंतित है कि रिश्तेदारों को मिलने वाली ऐसी नौकरियां, DGCA की जांच में बाधा पैदा कर सकती हैं. हो सकता है कि अपने रिश्तेदार से जुड़ी कंपनी के खिलाफ DGCA के अधिकारी नर्म रुख अपनाएं. अपनी पहचान गुप्त रखते हुए इस अधिकारी ने यह भी बताया कि एक मामले में तो एक अधिकारी के 12 रिश्तेदार इसी क्षेत्र में काम कर रहे थे और मंत्रालय को इसका पता, उसके रिटायर होने के बाद चला.
DGCA के पूर्व प्रमुख फैज अहमद किदवई ने 2025 में प्रशासनिक मामलों में सरकार से ज्यादा शक्ति मांगी और यह भी मांग की कि, हितों के टकराव वाले मामलों को DGCA खुद ही हल करे. मंत्रालय ने यह दरख्वास्त खारिज कर दी. अब दूसरे विभाग में तैनात किदवई ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
अमेरिकी ऑडिट से पहले बढ़ी सख्ती
अगले कुछ महीनों में अमेरिका का फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन, DGCA का सुरक्षा ऑडिट करने वाला है. अगर इस ऑडिट में DGCA में खामियां मिली तो इसका असर अमेरिका के लिए उड़ान भरने वाली भारतीय एयरलाइन कंपनियों पर पड़ सकता है.
इंडिगो ने तोड़ा एयर इंडिया का रिकॉर्ड, 500 विमानों का ऑर्डर दिया
एसोसिएशन ऑफ फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के प्रेसीडेंट हर्ष वर्धन प्रताप सिंह के मुताबिक, DGCA को उन अधिकारियों की सूची प्रकाशित करनी चाहिए, जिनके रिश्तेदार उड्डयन क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं. सिंह कहते हैं, "सर्वोच्च सुरक्षा के लक्ष्य को हासिल करने का आधारभूत तरीका, अधिकारियों के घोषणापत्रों में पारदर्शिता है."
DGCA के अधिकारियों के रिश्तेदार, इंडिगो, एयर इंडिया, आकाशा एयर, एयरबस इंडिया और यहां तक कि कुछ फ्लाइंग स्कूलों व एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनियों में काम कर रहे हैं. मंत्रालय, DGCA और इन कंपनियों ने रॉयटर्स की दरख्वास्त पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2026 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

