Baba Ramdev Mathura Speech: 'भारत में सभी मुस्लिम धर्मांतरित, राम-कृष्ण हैं उनके पूर्वज'; मथुरा में बोले योग गुरु बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत के सांस्कृतिक इतिहास और धार्मिक पहचान पर अपनी राय रखी। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, रामदेव ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी मुस्लिम समुदाय के लोग उन पूर्वजों के वंशज हैं जिन्होंने समय के साथ इस्लाम अपनाया था.
मथुरा: देश की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक निरंतरता और धार्मिक पहचान को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव का एक नया बयान चर्चा में आ गया है. बुधवार को मथुरा में एक धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत के सभी मुस्लिम धर्मांतरित हैं और उनकी मूल जड़ें इस देश की प्राचीन परंपराओं से जुड़ी हुई हैं.
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के हवाले से सामने आए इस बयान में रामदेव ने कहा कि मजहब या पूजा पद्धति बदलने से किसी व्यक्ति का इतिहास और उसके जैविक पूर्वज नहीं बदल जाते। उनके अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप के सभी नागरिकों के पूर्वज समान हैं.
सांस्कृतिक पहचान और साझा पूर्वजों पर रामदेव का तर्क
मथुरा में सभा को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव ने भारतीय समाज की ऐतिहासिक निरंतरता पर अपने विचार रखे:
- साझा विरासत की बात: उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमानों के पूर्वज बाहर से नहीं आए, बल्कि वे इसी भूमि की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े थे.
- भगवान राम और कृष्ण का उल्लेख: रामदेव ने विशेष रूप से भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण का नाम लेते हुए कहा कि वे केवल सनातन धर्म के अनुयायियों के ही नहीं, बल्कि भारतीय मुसलमानों के भी पूर्वज हैं और उन्हें इस रिश्ते को स्वाभाविक रूप से स्वीकार करना चाहिए.
- धर्मांतरण और पहचान: उन्होंने रेखांकित किया कि ऐतिहासिक कालखंड में पूजा पद्धति में बदलाव (धर्मांतरण) हुआ हो सकता है, लेकिन सांस्कृतिक और आनुवंशिक जड़ें नहीं बदलतीं.
‘भारत का हर मुसलमान धर्म-परिवर्तित है’
पहले भी साझा पूर्वजों पर देते रहे हैं बयान
बाबा रामदेव इससे पहले भी राष्ट्रीय और सामाजिक मंचों पर इस तरह के विचार व्यक्त करते रहे हैं:
- पूर्व में भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह कहा था कि भारत में रहने वाले विभिन्न समुदायों के डीएनए और पूर्वज एक ही हैं, भले ही उनकी वर्तमान उपासना पद्धतियां अलग-अलग हों.
- योग और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ रामदेव अक्सर सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, भारतीय सांस्कृतिक पहचान और समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं.
मथुरा में दिया गया उनका यह हालिया बयान ऐसे समय में आया है जब देश में सांस्कृतिक इतिहास, विरासत और सामाजिक समरसता को लेकर विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक मंचों पर लगातार विमर्श और बहसें देखने को मिल रही हैं.